FPI की लगातार निकासी से प्रभावित हो रहा है शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी औंधे मुंह गिरा
सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से एशियन पेंट्स, मारुति,टाटा मोटर्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर में सबसे ज्यादा गिरावट आयी है। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाइटन, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयर लाभ में रहे।
मुंबई :- शेयर बाजार बीते कुछ दिनों से हरियाली से दूर है, इसमें निरंतर खतरे का लाल निशान दिखायी दे रहा है। विदेशी पूंजी की लगातार निकासी से घरेलू बाजार काफी बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। शुक्रवार को प्री ओपनिंग सेशन में बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई है। इसके कारण अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में भी नरमी दिखायी पड़ रही है।
बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 424.42 अंक की गिरावट के साथ 79,117.37 अंक के स्तर पर आ गया है। वहीं एनएसई का निफ्टी 132.7 अंक से गिरकर 24,066.65 अंक के स्तर पर पहुंच गया है। विदेशी पूंजी की सतत निकासी और घरेलू शेयर बाजारों में नरम रुख के बीच रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 5 पैसे की गिरावट के साथ अपने ऑल टाइम लो लेवल 84.37 प्रति डॉलर पर पहुंच गया है।
लिस्टेड कंपनियों का हाल
सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से एशियन पेंट्स, मारुति,टाटा मोटर्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर में सबसे ज्यादा गिरावट आयी है। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टाइटन, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयर लाभ में रहे।
एशियाई बाजार
एशियाई बाजारों में जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सबसे ज्यादा फायदे में रहे जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट तथा हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहे। अमेरिकी बाजार गुरूवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 84.32 प्रति डॉलर पर खुला और शुरुआती सौदों के बाद अपने ऑल टाइम लो स्तर 84.37 प्रति डॉलर पर पहुंच गया है, जो पिछले बंद भाव से 5 पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के निम्न स्तर 84.32 पर बंद हुआ था। इस बीच, 6 प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 104.53 पर रहा।
इस कीमत के शेयर बेचे
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75.09 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक यानी एफआईआई गुरूवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 4,888.77 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
ब्याज दरों में कटौती
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती का हालिया निर्णय वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में बदलाव का संकेत देता है। इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल करने वाले डोनाल्ड ट्रंप की कर तथा व्यापार नीतियों के वैश्विक बाजारों को प्रभावित करने के साथ रुपये के प्रक्षेपवक्र में फिर से अस्थिरता आ सकती है।