भारतीय शेयर बाजार (सोर्स-सोशल मीडिया)
Stock Market Trend Today India: मंगलवार 27 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला जिससे निवेशक हैरान रह गए। आज भारत में शेयर बाजार के रुझान के अनुसार बाजार हरे निशान में खुला लेकिन चंद सेकेंड में ही निवेशकों की भारी बिकवाली से लाल निशान में आ गया। इस गिरावट के बावजूद शुरुआती सत्र में रुपये की स्थिति में सुधार देखा गया जो डॉलर के मुकाबले 10 पैसे तक मजबूत हुआ। भारतीय सूचकांकों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक संकेतों के बीच निवेशकों की नजर अब आगामी बजट और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों पर टिकी हुई है।
BSE सेंसेक्स सुबह 9:15 पर 128.45 अंकों की बढ़त के साथ 81,666.15 के स्तर पर खुला था लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं सकी। कुछ ही समय बाद बाजार ने 192.46 अंकों का जोरदार गोता लगाया और सूचकांक गिरकर 81,345.24 के स्तर पर सरक गया। इसी तरह निफ्टी भी शुरुआती 69.25 अंकों की उछाल के बाद 26.65 अंक गिरकर 25,022 के स्तर पर कारोबार करने लगा।
सेक्टोरल स्तर पर नजर डालें तो मेटल सेक्टर को छोड़कर अन्य सभी प्रमुख सेक्टर्स मंगलवार को लाल निशान में ही व्यापार करते दिखे। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सेक्टर में 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई जिसने बाजार के समग्र सेंटिमेंट को काफी कमजोर किया। इसके अलावा निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 0.5 प्रतिशत की गिरावट देखी गई जो बाजार में व्यापक बिकवाली का संकेत देती है।
बाजार के इस उतार-चढ़ाव के बीच एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदानी इंटरप्राइजेज, अदानी पोर्ट्स और जेएसडब्ल्यू स्टील जैसे शेयर टॉप गेनर की सूची में बने रहे। वहीं दूसरी ओर एमएंडएम, कोटक महिंद्रा बैंक, विप्रो, शाश्वत और टाटा मोटर्स के यात्री वाहन सेगमेंट वाले शेयरों में निवेशकों ने भारी बिकवाली की। शुरुआती सत्र में ट्रेडर्स ने चुनिंदा मेटल और सीमेंट शेयरों में रुचि दिखाई जबकि बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों से दूरी बनाई।
शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर से उबरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 10 पैसे तक मजबूत हुआ। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में रुपया 91.80 के स्तर पर खुला जो पिछले बंद भाव 91.90 की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है। डॉलर इंडेक्स में ऊपरी स्तरों से आई कमी की वजह से रुपये को शुरुआती कारोबार में अपनी स्थिति सुधारने में काफी मदद मिली।
बाजार के सेंटिमेंट पर अमेरिकी प्रशासन के हालिया संकेतों का भी गहरा असर देखा जा रहा है जिससे भारतीय निवेशकों को थोड़ी राहत मिली है। अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि भारत द्वारा रूसी तेल आयात पर लगाए गए टैरिफ उपायों को वापस लिए जाने की प्रबल संभावना है। हालांकि पिछले हफ्ते की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट के बाद बाजार अब भी पूरी तरह संभलने के लिए कड़ा संघर्ष करता दिख रहा है।
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निवेशकों की नजर अब बजट 2026 पर टिकी है जिससे बाजार की अगली दिशा और सेक्टर-विशिष्ट तेजी या मंदी का सटीक निर्धारण होगा। आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कॉरपोरेट अर्निंग्स के आंकड़े भारतीय बाजार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने वाले हैं। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल है इसलिए जानकारों द्वारा हर बड़ी गिरावट पर सावधानी के साथ निवेश करने की सलाह दी गई है।