(कॉन्सेप्ट फोटो)
India Fastest Growing Economy 2026: एनएक्सटी फाउंडेशन द्वारा जारी की गई भारत प्रोग्रेस रिपोर्ट 2025-26 में बताया गया कि भारत 4.8 ट्रिलियन डॉलर की नॉमिनल जीडीपी के साथ जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। 8.2 प्रतिशत की विकास दर के साथ आगे बढ़ते हुए दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है और जल्दी ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी जीडीपी बन जाएगा।
रिपोर्ट में बताया गया कि भारत ने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, राजमार्गों, रेलवे, अंतरिक्ष और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 101 प्रमुख उपलब्धियों को हासिल करते हुए वर्ष भर में तीव्र आर्थिक और तकनीकी विकास किया है, जो देश को एक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर ले जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, कई हाई-फ्रीक्वेंसी इंडीकेटर्स देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दिखा रहे हैं। जीएसटी कलेक्शन अप्रैल 2025 में रिकॉर्ड 2.17 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया था। वहीं, भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एयूएम 80 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर चुका है। इसके साथ देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 1.15 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है, जो कि निवेशकों के विश्वास को दिखाता है।
भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के विकास को अन्य देश भी अपना रहे हैं। इसका प्रमाण यूपीआई के माध्यम से होने वाले मासिक लेनदेन में मिलता है, जो 21 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है, जबकि आधार प्रमाणीकरण एक अरब से अधिक हो गया है। इससे देश में वित्तीय समावेशन का विस्तार हुआ है और गरीबों को सरकारी सेवाएं पारदर्शी तरीके से, सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाने में मजबूती मिली है।
बुनियादी ढांचे और संपर्क के क्षेत्र में प्रमुख उपलब्धियों में विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे मेहराब पुल, चेनाब रेल पुल का निर्माण और वंदे भारत रेल नेटवर्क का निरंतर विस्तार शामिल है, जिससे उच्च गति रेल संपर्क में वृद्धि हुई है। साथ ही, देश ने अपने राष्ट्रीय राजमार्गों और रसद नेटवर्क का विस्तार किया है, जिससे आपूर्ति श्रृंखलाओं में सुधार और परिवहन लागत में कमी आई है।
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जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में भारत ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। सौर, जलविद्युत और पवन ऊर्जा में मजबूत वृद्धि के दम पर, देश की गैर-जीवाश्म ईंधन विद्युत क्षमता का हिस्सा 2030 के लक्ष्य से पांच साल पहले ही 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इन उपलब्धियों से पता चलता है कि देश नई विश्व व्यवस्था में वैश्विक विकास का एक प्रमुख चालक बन रहा है।