Share Market: शेयर मार्केट में रैली या निवेशकों का बुरा हाल, अगले हफ्ते कैसी रहेगी मार्केट की चाल?
Share Market: शुक्रवार को सेंसेक्स 450 अंक यानी 0.53 प्रतिशत बढ़कर 85,267.66 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 148 अंक यानी 0.57 प्रतिशत बढ़कर 26,046.95 पर पहुंच गया। अब सोमवार को बाजार की चाल पर नजर रहेगी।
- Written By: मनोज आर्या
शेयर मार्केट, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Share Market Outlook: भारतीय शेयर बाजार ने इस हफ्ते अच्छा प्रदर्शन किया और अब अगले हफ्ते बाजार का रुख कुछ अहम घरेलू और वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगा। इनमें होलसेल प्राइस इंडेक्स (डब्ल्यूपीआई) यानी थोक मूल्य सूचकांक महंगाई आंकड़े, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता, रुपये की हलचल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां प्रमुख हैं।
शुक्रवार को सेंसेक्स 450 अंक यानी 0.53 प्रतिशत बढ़कर 85,267.66 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 148 अंक यानी 0.57 प्रतिशत बढ़कर 26,046.95 पर पहुंच गया। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, मिडकैप इंडेक्स में 1.14 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.65 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली।
निवेशकों की संपत्ति में जोरदार इजाफा
शेयर बाजार में निवेशकों की संपत्ति में भी एक दिन में जोरदार बढ़ोतरी हुई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 470 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया, जो पिछले सत्र में 466.6 लाख करोड़ रुपये था। यानी एक ही दिन में बाजार ने 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का उछाल देखा। वहीं, आने वाले सप्ताह में महंगाई के आंकड़े प्रमुख रूप से बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय सोमवार, 15 दिसंबर को नवंबर महीने का डब्ल्यूपीआई महंगाई डेटा जारी करने वाला है।
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भारत-अमेरिका ट्रेड डिल पर सभी की नजरें
इसके अलावा, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर भी सभी की नजरें रहेंगी। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत और अमेरिका ने दो दिवसीय वार्ता के बाद एक-दूसरे के साथ सकारात्मक और रचनात्मक बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है। इस बातचीत में व्यापार से जुड़े जरूरी मुद्दों पर चर्चा हुई और दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए मोल-भाव जारी है, जो व्यापारिक दृष्टि से लंबी अवधि तक असर डाल सकता है।
रुपये की मूल्य वृद्धि भी एक अहम मुद्दा है। विदेशी निवेशकों के लगातार निकासी, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर असमंजस और आयातकों द्वारा डॉलर की मजबूत मांग के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है।
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घरेलू बाजार में बिकवाल बने विदेशी निवेशक
विदेशी निवेशकों की गतिविधि भी बाजार के लिए चिंता का कारण बन रही है। 2025 में विदेशी निवेशक लगातार नेट सेलर बने हुए हैं और वे पिछले दो दशकों में दूसरी सबसे बड़ी बिक्री के रिकॉर्ड पर पहुंचने वाले हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए 26,200, 26,400 और 26,500 के स्तर पर रेजिस्टेंस है, जबकि 25,900 और 25,800 पर सपोर्ट देखने को मिल सकता है। यदि निफ्टी 25,700 से नीचे चला जाता है, तो अधिक बिकवाली देखने को मिल सकती है।
