

Share Market Today 04 August 2026: भारतीय शेयर बाजार में आज मंगलवार (4 अगस्त) को दोनों प्रमुख सूचकांकों में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। बाजार खुलते ही निफ्टी 50 में मुनाफावसूली और गिरावट नजर आया, इसके चलते निफ्टी में 0.68 प्रतिशत यानी 167.95 अंकों गिरकर 24,606.35 पर पहुंच गया। निफ्टी आज 24,703.90 के उच्च स्तर पर खुला था, लेकिन बिकवाली के कारण यह 24,589.85 के निचले स्तर तक चला गया।
दूसरी ओर, बीएसई सेंसेक्स में बढ़ोतरी देखने को मिली। मंगलवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स 0.16 प्रतिशत यानी 127.12 अंक चढ़कर 78,766.15 पर पहुंच गया और खबर लिखे जाने तक इसी स्तर पर कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स की शुरुआत 79,132.97 पर काफी मजबूती के साथ हुई थी, जो बाद में 79,143.15 तक पहुंच गया था। हालांकि ऊपरी बिकवाली के चलते यह अपने दिन के निचले स्तर 78,744.34 के करीब आ गया। इसके बाद भी सेंसेक्स ने अपनी बढ़त बरकरार रखने में कामयाब रहा और हरे निशान पर कारोबार कर रहा है।
शुरुआती कारोबार में बाजार में बिकवाली का नेतृत्व रियल्टी और आईटी शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ टॉप लूजर्स थे। निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी फार्मा, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी ऑटो, निफ्टी इन्फ्रा और निफ्टी पीएसई भी लाल निशान में थे। केवल निफ्टी मेटल और निफ्टी एनर्जी में ही हरे निशान में कारोबार हो रहा था।
दूसरी तरफ मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 87 अंक या 0.23 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 63,535 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 92 अंक या 0.48 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,684 पर था।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में भी मिलाजुला कारोबार हो रहा था। शंघाई, बैंकॉक और जकार्ता हरे निशान में थे, जबकि टोक्यो, हांगकांग और सोल लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुए थे। मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 1.32 प्रतिशत की तेजी के साथ और टेक्नोलॉजी सूचकांक नैस्डैक 2.13 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।
जानकारों के मुताबिक, निवेशक के नजरिए से, एक अहम ट्रेंड अर्थव्यवस्था और बाजार में दिख रही सकारात्मक प्रगति है। अर्थव्यवस्था में ग्रोथ की रफ्तार मजबूत है, जैसा कि जबरदस्त क्रेडिट ग्रोथ, ऑटो सेल्स में लगातार बढ़ोतरी और बेहतर जीएसटी कलेक्शन से पता चलता है। बाजार के नजरिए से, एक अहम सकारात्मक बात भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी है।