

Share Market Open Sunday Budget 2026: भारत के वित्तीय इतिहास में 1 फरवरी 2026 का दिन बेहद खास होने वाला है क्योंकि रविवार होने के बावजूद शेयर बाजार खुला रहेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना बजट भाषण पेश करेंगी जिसे लेकर निवेशकों और बाजार में काफी उत्साह देखा जा रहा है। स्टॉक मार्केट रविवार को खुलने की खबर ने निवेशकों को हैरान कर दिया है क्योंकि अमूमन रविवार को ट्रेडिंग बंद रहती है। यह ऐतिहासिक निर्णय बाजार की हलचल को देखते हुए और निवेशकों की सुविधा के लिए एक्सचेंज द्वारा लिया गया है।
BSE और NSE द्वारा जारी किए गए सर्कुलर के अनुसार रविवार को बाजार सामान्य दिनों की तरह ही कार्य करेगा। ट्रेडिंग सेशन सुबह 9:15 बजे शुरू होगा और शाम 3:30 बजे तक चलेगा ताकि बजट के समय सौदे हो सकें। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे इस विशेष सत्र के दौरान बाजार की अस्थिरता का ध्यान रखें और सावधानी बरतें।
आजाद भारत के इतिहास में यह सिर्फ दूसरी बार हो रहा है जब रविवार के दिन शेयर बाजार में सामान्य ट्रेडिंग की जाएगी। इससे पहले साल 1999 में रविवार के दिन बजट पेश होने पर बाजार को कारोबार के लिए खोला गया था। साल 2025 में भी शनिवार को बजट पेश हुआ था और तब भी शेयर बाजार सामान्य रूप से खुला रहा था।
स्टॉक मार्केट के साथ-साथ कमोडिटी मार्केट यानी MCX भी रविवार 1 फरवरी 2026 को कारोबार के लिए पूरी तरह खुला रहेगा। बजट पेश होने की वजह से कमोडिटी एक्सचेंज ने भी विशेष ट्रेडिंग सत्र आयोजित करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है। MCX के सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि रविवार को निवेशकों के लिए ट्रेडिंग की सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
बाजार विशेषज्ञों ने बजट के दिन इंट्रा-डे ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है। स्वास्ति इंवेस्टमार्ट के संतोष मीणा का कहना है कि बजट वाले दिन कीमतों में बहुत तेजी से उतार-चढ़ाव देखा जाता है। ऐसे में रिटेल निवेशकों को बिना सोचे-समझे बड़े दांव लगाने से बचना चाहिए क्योंकि जोखिम काफी अधिक होता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे अपना बजट भाषण शुरू करेंगी जिससे शेयर बाजार की भविष्य की दिशा तय होगी। बाजार की निगाहें विशेष रूप से इनकम टैक्स में मिलने वाली छूट और अन्य बड़े आर्थिक ऐलानों पर टिकी हुई हैं। बजट सत्र के दौरान मेटल और बैंकिंग जैसे सेक्टरों में बड़ी हलचल होने की संभावना जताई जा रही है।
शुक्रवार को मेटल कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखी गई थी क्योंकि सोने और चांदी की कीमतों में कमी आई थी। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी निवेश से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और जोखिम का आकलन अवश्य करें। बजट का दिन ऐतिहासिक रूप से उतार-चढ़ाव भरा रहता है इसलिए सावधानी ही सुरक्षा का सबसे बेहतर उपाय है।