सोने-चांदी का बुरा दौर जारी, बाजार खुलते ही ₹9000 से अधिक सस्ता हुआ सिल्वर, गोल्ड में भी ₹2400 की गिरावट

Gold-Silver Rate: पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ती ब्याज दरों की आशंका के बीच सोने और चांदी की कीमतें गिर गईं। सोना 1,37,000 रुपये और चांदी 2.16 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई।
gold silver price 24 march 2026
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Gold-Silver Price Today 24 March 2026: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। चांदी की कीमत में 9,050 रुपये की कमी हुई और यह 2.16 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 2,360 रुपये गिरकर 1,37,000 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी 3.85 प्रतिशत गिरकर 2,16,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर और सोना लगभग 1.60 प्रतिशत गिरकर 1,37,027 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

आज 24 मार्च को कॉमेक्स पर सोने का भाव $4,361.20 प्रति औंस और चांदी का भाव $68.30 प्रति औंस रहा। कमोडिटी बाजार में मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर साफ देखा जा सकता है। तेल की कीमत लगातार ऊंची बनी हुई है, और ब्रेंट क्रूड ऑयल का दाम $100 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। इस महीने की शुरुआत से ही गोल्ड और सिल्वर की कीमतों पर लगातार दबाव देखने को मिला है, जिसके चलते ये दोनों धातुएं चार महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं।

लगातार जारी है सोने-चांदी में गिरावट

केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार ही नहीं, बल्कि घरेलू कमोडिटी मार्केट में भी सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव दिखाई दे रहा है। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को एमसीएक्स पर सोने का भाव 3.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,39,280 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 0.59 प्रतिशत घटकर 2,25,423 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ।

विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान से जुड़े संघर्ष के चौथे सप्ताह में प्रवेश करते ही कीमती धातुओं पर दबाव और बढ़ गया है। 28 फरवरी से तनाव बढ़ने के बाद स्पॉट गोल्ड अब तक लगभग 15 प्रतिशत गिर चुका है और जनवरी में बने अपने रिकॉर्ड स्तर से यह लगभग 22 प्रतिशत नीचे आ गया है।

अभी और गिर सकता है भाव

विशेषज्ञों के अनुसार आम तौर पर सोना महंगाई के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार बढ़ती ब्याज दरों की आशंका इसके लिए नकारात्मक साबित हो रही है। ऊंची ऊर्जा कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने की संभावना बनी हुई है, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं। चूंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए निवेशक इससे दूरी बनाए हुए हैं और अन्य निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।

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