भारत में हर पांच GST टैक्सपेयर्स में अब एक महिला, SBI रिसर्च ने जारी किए आंकड़े
GST Collection: शीर्ष पांच राज्यों ने कुल जीएसटी कलेक्शन में 41 प्रतिशत का योगदान दिया है। वहीं, छह राज्यों ने 1 लाख करोड़ रुपए के वार्षिक जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े को पार कर लिया है।
- Written By: मनोज आर्या
(कॉन्सेप्ट फोटो)
SBI Report: भारतीय स्टेट बैंक ने वस्तु एंव सेवा कर (GST) को लेकर आज मंगलवार, 22 जुलाई को एक रिपोर्ट जारी की है। एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 1.52 करोड़ से ज्यादा जीएसटी रजिस्ट्रेशन एक्टिव हैं और पंजीकृत जीएसटी टैक्सपेयर्स में से हर पांचवें हिस्से में अब कम से कम एक महिला है। इसके साथ ही 14 प्रतिशत रजिस्टर्ड करदाताओं में सभी महिला सदस्य हैं।
एसबीआई के आर्थिक अनुसंधान विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) और निजी लिमिटेड कंपनियों में यह प्रतिनिधित्व काफी अधिक है और कॉर्पोरेट में बढ़ती औपचारिकता भविष्य में समान प्रतिनिधित्व के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
दोगुना हुआ जीएसटी कलेक्शन
एसबीआई की ग्रुप की चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्या कांति घोष ने कहा कि यह आंकड़ा, कुल इनकम टैक्सपेयर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत और कुल जमा में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ महिला सशक्तिकरण को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि केवल पांच वर्षों (वित्त वर्ष 21-25) में ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन दोगुना हो गया और औसत मासिक सकल जीएसटी कलेक्शन अब 2 लाख करोड़ रुपए है।
सम्बंधित ख़बरें
Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में आज शानदार तेजी, सेंसेक्स और निफ्टी की हुई मजबूत शुरुआत
औद्योगिक विकास की नई रूपरेखा तैयार करेगा CMIA, ‘नीति से निर्मिति’ के मंत्र के साथ नई टीम का ऐलान
आगरा में 70 करोड़ के जीएसटी फर्जीवाड़े का खुलासा, फर्जी फर्मों के जरिए चल रहा था आईटीसी घोटाला; तीन गिरफ्तार
Adani Group Investment: अदाणी ग्रुप ने हार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर में किया 1.5 लाख करोड़ का बड़ा निवेश
GST क्लेक्शन में 5 राज्यों का 41 प्रतिशत योगदान
शीर्ष पांच राज्यों ने कुल जीएसटी कलेक्शन में 41 प्रतिशत का योगदान दिया है और छह राज्यों ने 1 लाख करोड़ रुपए के वार्षिक जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े को पार कर लिया है। जिन राज्यों का जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक है, उनके कुल घरेलू कलेक्शन में कंसोलिडेटेड वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक है।
जीएसटी के आठ साल पूरे
इस साल 1 जुलाई को जीएसटी लागू हुए आठ साल पूरे हो गए। आर्थिक एकीकरण की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में 2017 में लागू किए गए जीएसटी ने इनडायरेक्ट टैक्सों की एक जटिल प्रणाली को एक एकीकृत प्रणाली से बदल दिया। एसबीआई की रिपोर्ट में बताया गया कि इसने टैक्स अनुपालन को आसान बनाया, व्यवसायों की लागत कम की और राज्यों के बीच वस्तुओं की निर्बाध आवाजाही को सुनिश्चित किया है। पारदर्शिता और दक्षता में सुधार करके, जीएसटी ने एक मजबूत, अधिक एकीकृत अर्थव्यवस्था की नींव रखने में मदद की।
ये भी पढ़ें: Zomato के शेयरों में तूफानी तेजी, ऑल टाईम हाई का बनाया रिकॉर्ड; ये है असली वजह
इन राज्यों में टैक्सपेयर्स की संख्या कम
रिपोर्ट के मुताबिक, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे कुछ बड़े और समृद्ध राज्यों में सक्रिय जीएसटी करदाताओं की हिस्सेदारी, कुल जीएसडीपी (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) में राज्य की हिस्सेदारी की तुलना में कम है। वहीं, दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश, बिहार और गुजरात जैसे राज्यों में कुल जीएसटी करदाताओं की हिस्सेदारी, कुल जीएसडीपी में राज्य की हिस्सेदारी से ज्यादा है। यह दर्शाता है कि इन राज्यों में जीएसटी में अभी भी अपार संभावनाएं हैं।
एजेंसी इनपुट के साथ-
