Retail Inflation: आम आदमी की जेब पर बोझ, मार्च में 3.4% पहुंची खुदरा महंगाई; खाने-पीने की चीजों के बढ़े दाम

Retail Inflation: मंत्रालय ने कहा कि मार्च में ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 3.63 प्रतिशत और शहरी इलाकों में खुदरा महंगाई दर 3.11 प्रतिशत रही है। खाद्य महंगाई दर मार्च में 3.87 प्रतिशत रही है।
retail inflation in march 2025
खुदरा महंगाई दर, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Retail Inflation In March 2025: महंगाई के मोर्चे पर देश की आम जनता के लिए बुरी खबर है। दरअसल, मार्च महीने में खुदरा महंगाई दर सालाना आधार पर 3.4 प्रतिशत रही है, इसमें क्रमिक आधार पर 0.19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। फरवरी में यह 3.21 प्रतिशत थी। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने आज सोमवार को ये आंकड़े जारी किए हैं।

मंत्रालय ने कहा कि मार्च में ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 3.63 प्रतिशत और शहरी इलाकों में खुदरा महंगाई दर 3.11 प्रतिशत रही है। खाद्य महंगाई दर मार्च में 3.87 प्रतिशत रही है और फरवरी में यह 3.47 प्रतिशत थी। मार्च में ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई दर 3.96 प्रतिशत रही है और शहरी इलाकों में यह 3.71 प्रतिशत थी।

टॉप- 5 सस्ते और महंगे आइटम

बीते महीने प्याज -27.76 प्रतिशत, आलू -18.98 प्रतिशत, लहसुन -10.18 प्रतिशत, अरहर -9.56 प्रतिशत और मटर, चना -7.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ राष्ट्रीय स्तर पर सबसे कम महंगाई दर्ज करने वाले शीर्ष 5 प्रमुख आइटम थे। इन सभी में महंगाई दर सालाना आधार पर नकारात्मक रही है। वहीं, दूसरी तरफ चांदी की ज्वैलरी 148.61 प्रतिशत, सोना/हीरा/प्लेटिनम ज्वैलरी 45.92 प्रतिशत, कोपरा 45.52 प्रतिशत, टमाटर (35.99 प्रतिशत और फूलगोभी 34.11 प्रतिशत, राष्ट्रीय स्तर पर सबसे अधिक महंगाई दर्ज करने वाले शीर्ष 5 प्रमुख आइटम थे। इन सभी आइटम में महंगाई दर सालाना आधार पर सकारात्मक रही है। मार्च में, जिन पांच राज्यों में खुदरा महंगाई दर सबसे अधिक रही है, उनमें तेलंगाना (5.83 प्रतिशत), आंध्र प्रदेश (4.05 प्रतिशत), कर्नाटक (3.96 प्रतिशत), तमिलनाडु (3.77 प्रतिशत) और राजस्थान (3.64 प्रतिशत) शामिल थे।

कैसे तय होता है महंगाई दर?

सरकार के मुताबिक, खुदरा महंगाई दर के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा संगठन (NSO), सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) के फील्ड ऑपरेशंस डिवीजन के फील्ड स्टाफ द्वारा साप्ताहिक आधार पर व्यक्तिगत दौरों के माध्यम से सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करते हुए चयनित 1407 शहरी बाजारों (ऑनलाइन बाजारों सहित) और 1465 गांवों से रियल टाइम प्राइस डेटा एकत्र किया जाता है।

मार्च 2026 के महीने के दौरान, 100 प्रतिशत ग्रामीण और शहरी बाजारों से मूल्य एकत्र किए गए, जबकि रिपोर्ट किए गए बाजारवार मूल्य ग्रामीण बाजारों के लिए 99.93 प्रतिशत और शहरी बाजारों के लिए 100 प्रतिशत थे।

मिडिल ईस्ट संकट का दिखा असर

डीबीएस बैंक की वरिष्ठ अर्थशास्त्री और कार्यकारी निदेशक राधिका राव के अनुसार, मार्च में महंगाई के आंकड़े मामूली रूप से अधिक रहे, जो मिडिल ईस्ट संकट के बाद मूल्य दबाव के पहले दौर का संकेत देते हैं। इनपुट लागत का भार चुनिंदा रूप से अंतिम उपभोक्ताओं पर डाला गया, जबकि खाद्य पदार्थों की कीमतें सामान्य बनी रहीं। कीमती धातुओं की कीमतों में उछाल कम हुआ है, हालांकि साल-दर-साल के आधार पर इनमें दो अंकों की वृद्धि बनी हुई है।