Reliance Diesel Exports: रूस बैन और वैश्विक संकट के बीच रिलायंस ने यूरोप भेजा रिकॉर्ड डीजल
Reliance Diesel Exports: दुनिया में डीजल संकट के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने यूरोप और ब्राजील को रिकॉर्ड डीजल भेजा है। अमेरिका-ईरान तनाव और रूस पर बैन से रिलायंस को बड़ा फायदा हुआ है।
- Written By: प्रिया सिंह
रिलायंस डीजल निर्यात (सोर्स- सोशल मीडिया)
Reliance Diesel Exports Global Market: हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इसके साथ ही रूस द्वारा डीजल बेचने पर लगाई गई रोक के कारण वैश्विक स्तर पर डीजल की भारी किल्लत हो गई थी। ऐसे संकट के समय में भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने एक बहुत ही बड़ा कदम उठाया है। मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस ने इस मौके का फायदा उठाते हुए अपनी सप्लाई बढ़ाकर वैश्विक बाजार को बड़ी राहत दी है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जुलाई महीने में मुख्य रूप से यूरोप और ब्राजील को भेजे जाने वाले डीजल निर्यात में भारी बढ़ोतरी की है। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े कच्चे तेल आयातकों में शामिल भारत पिछले कुछ समय से एक प्रमुख सप्लायर बना है। भारत स्वेज नहर के पूर्व और पश्चिम दोनों ओर के बाजारों के लिए एक बड़ा स्विंग बैरल सप्लायर बनकर उभरा है। रिलायंस के इस ऐतिहासिक कदम से न केवल कंपनी का मुनाफा बढ़ा है बल्कि ऊर्जा संकट कम करने में मदद मिली है।
यूरोप को रिकॉर्ड निर्यात
केपलर और वोर्टेक्स के आधिकारिक शिप-ट्रैकिंग आंकड़ों के अनुसार रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। जुलाई में इस रिफाइनरी से यूरोप के लिए लगभग 40 लाख से 50 लाख बैरल डीजल भेजा गया है, जो पिछले 10 महीनों का उच्चतम स्तर है।
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यूरोप में डीजल का मुनाफा मार्जिन इस समय रिकॉर्ड 74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है क्योंकि वहां का स्टॉक सबसे निचले स्तर पर है। इसके अलावा मध्य पूर्व के संघर्ष के कारण फारस की खाड़ी से यूरोप जाने वाली तेल की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।
रूस पर प्रतिबंध का असर
यूक्रेन के ड्रोन हमलों में रूसी रिफाइनरियों को काफी नुकसान पहुंचा था, जिसके बाद रूस ने जुलाई में डीजल निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। माना जा रहा है कि रूस अगस्त के महीने में भी इस कड़े प्रतिबंध को जारी रख सकता है जिससे वैश्विक संकट और भी गहरा सकता है।
ऐसे समय में रिलायंस ने यूरोप की मांग को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और भारी मात्रा में निर्यात किया है। रूसी निर्यात पूरी तरह बंद होने से भारतीय कंपनियों के लिए मुनाफे और बड़े व्यापार विस्तार के कई नए रास्ते आसानी से खुल गए हैं।
ब्राजील को भी बंपर सप्लाई
यूरोप के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज ने लैटिन अमेरिकी देश ब्राजील को भी डीजल की भारी खेप का सफलतापूर्वक और तेजी से निर्यात किया है। आंकड़ों के मुताबिक जामनगर और वाडीनार पोर्ट से ब्राजील को होने वाला डीजल निर्यात 11 महीने के उच्च स्तर 28 लाख बैरल तक पहुंच रहा है।
इसके ठीक विपरीत इस साल जुलाई में ब्राजील को होने वाला रूसी डीजल का निर्यात पिछले चार वर्षों के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गया है। इससे साफ पता चलता है कि रिलायंस ने रूसी डीजल की कमी को बहुत ही शानदार तरीके से भर दिया है और बड़ा मुकाम हासिल किया है।
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भविष्य की बाजार संभावनाएं
बाजार के जानकारों का कहना है कि अगस्त महीने में यह बड़ा निर्यात जारी रहेगा या नहीं, यह सीधे तौर पर यूरोप की मांग पर निर्भर करेगा। अगर यूरोप महंगा डीजल खरीदने को तैयार होता है तो रिलायंस अपना यह भारी निर्यात आने वाले महीनों में भी इसी तरह से जारी रख सकती है।
फिलहाल एशिया के बाजारों में डीजल बेचना रिफाइनरी कंपनियों के लिए ज्यादा आसान और बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित हो रहा है। लेकिन रिलायंस ने अपनी मजबूत उत्पादन क्षमता से यह साबित कर दिया है कि वह किसी भी संकट में वैश्विक मांग को पूरा करने में सक्षम है।
