2024 में महंगा होगा घर बनाना, रियल एस्टेट कंस्ट्रक्शन कॉस्ट में होगी 11 प्रतिशत की बढ़त
कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बादल याग्निक ने कहा है कि पिछले साल प्रमुख कंस्ट्रक्शन मटेरियल की कीमतों में बढ़त तुलनात्मक रुप से मामूली थी, लेकिन लेबर कॉस्ट कंस्ट्रक्शन के ओवरऑल कॉस्ट को ऊपर की ओर ले जा रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
कंस्ट्रक्शन कॉस्ट (सौजन्य : सोशल मीडिया)
मुंबई : कोलियर्स इंडिया ने हाल ही में रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के आधार पर ये पता चला है कि साल 2024 में रेशिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सेक्टर में कंस्ट्रक्शन कॉस्ट में 11 प्रतिशत की बढ़त हुई है। हालांकि सीमेंट और स्टील जैसे कुछ प्रमुख कंस्ट्रक्शन मटेरियल की कीमतें भी स्थिर हो गई है। हाई लेबर कॉस्ट और मटेरियल्स की कीमतों में उतार चढ़ाव के कारण सभी खर्चों को और महंगा कर दिया है, खासकर रेशिडेंशियल सेक्टर से जुड़े सामानों की कीमतों में बढ़त की गई है।
कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बादल याग्निक ने कहा है कि पिछले साल प्रमुख कंस्ट्रक्शन मटेरियल की कीमतों में बढ़त तुलनात्मक रुप से मामूली थी, लेकिन लेबर कॉस्ट कंस्ट्रक्शन के ओवरऑल कॉस्ट को ऊपर की ओर ले जा रही है।
रणनीतियों का रीवैल्यूएशन
डेवलपर्स के लिए, इस स्थिर लागत वृद्धि ने बजट और रणनीतियों का रीवैल्यूएशन करने के लिए प्रेरित किया है। कई लोग सप्लाई चेन मैनेजमेंट में सुधार, सप्लायर्स में विविधता लाने और स्थानीय रूप से प्राप्त मटेरियल का चयन करके खर्चों का अनुकूलन कर रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Karnataka CM 2026: डीके शिवकुमार बने कांग्रेस विधायक दल के नेता, 3 जून को लेंगे 24वें मुख्यमंत्री पद की शपथ
शासक हत्यारे बन गए…अभिषेक बनर्जी पर हमले से भड़कीं ममता, कहा- उन्हें शर्म आनी चाहिए
Kala Hiran Poster: सलमान खान की गिरफ्तारी, कोर्टरूम ड्रामा, ‘काला हिरण’ का पोस्टर जारी, इस दिन आएगा टीजर
19 के ओलिवर पीक ने डेब्यू मैच में रचा इतिहास, पाकिस्तान के खिलाफ तोड़ा दिग्गज रिकी पोंटिंग का रिकॉर्ड
ये भी पढ़ें :- आज से शुरू हो रहा है भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला, विकसित भारत @2047 होगा इसका विषय
कंस्ट्रक्शन कॉस्ट में बढ़त
हालांकि हाल के वर्षों में प्रमुख सामग्रियों की कीमतों में भारी बढ़त देखी गई है, लेकिन 2024 में रिलेटिव स्थिरता देखी गई। औसत सीमेंट की कीमतों में साल भर में 15 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्टील में लगभग 1 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखी गई। फिर भी, लेबर एक्सपेंस में उल्लेखनीय बढ़त और एल्युमीनियम, तांबा और ईंधन सहित अन्य सामग्रियों में मीडियम बढ़त के कारण कंस्ट्रक्शन कॉस्ट में बढ़त हुई है।
कुल कंस्ट्रक्शन कॉस्ट
प्रमुख शहरों में भारी डिमांड के कारण लेबर कॉस्ट अब कुल कंस्ट्रक्शन कॉस्ट का लगभग 28 प्रतिशत है, जबकि मटेरियल टोटल कॉस्ट का लगभग दो-तिहाई हिस्सा बनाती है। रेसिडेंशियल सेक्टर में, कंस्ट्रक्शन कॉस्ट में साल-दर-साल 11 प्रतिशत की बढ़त हुई है। हाई कॉस्ट डेवलपर्स को खरीद और डिजाइन में लागत-बचत उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। कॉस्ट बढ़त, बढ़ते उधार खर्चों के साथ, लाभ मार्जिन को प्रभावित करती है, विशेष रूप से किफायती आवास खंड में, जो मूल्य-संवेदनशील खरीदारों को पूरा करता है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
