RBI Repo Rate: रिजर्व बैंक ने लगातार चौथी बार रेपो रेट को रखा स्थिर,जानिए आपके पॉकेट पर इसका क्या होगा असर

RBI Repo Rate: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आम जनता और लोन ग्राहकों को बड़ी राहत देते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इसे 5.25% पर बरकरार रखा गया है जानिए क्या असर होगा आपकी जेब पर।
RBI Repo rate unchanged declared by Sanjay Malhotra
संजय मलहोत्रा, आरबीआई गवर्नर सोशल मीडिया
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RBI Keeps Repo Rate Unchanged: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लगातार चौथी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। बुधवार को RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के फैसलों की घोषणा करते हुए बताया कि रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रहेगी। इसका मतलब है कि फिलहाल होम लोन, कार लोन और अन्य फ्लोटिंग ब्याज दर वाले कर्ज की EMI में बढ़ोतरी नहीं होगी।

लगातार चौथी बार रेपो रेट में बदलाव नहीं

RBI की तीन दिवसीय एमपीसी बैठक 3 अगस्त से शुरू हुई थी। इस बैठक में देश और दुनिया की आर्थिक परिस्थितियों का आकलन करने के बाद ब्याज दरों को जस का तस रखने का फैसला लिया गया। यह लगातार चौथी बार है जब केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे पहले फरवरी, अप्रैल और जून 2026 की बैठकों में भी ब्याज दर को स्थिर रखा गया था।

आरबीआई का मानना है कि मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच संतुलित नीति अपनाना जरूरी है। ऐसे माहौल में रेपो रेट को स्थिर रखना महंगाई पर नजर बनाए रखने के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी सहारा देगा।

RBI Repo rate unchanged declared by Sanjay Malhotra
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लोन लेने वालों और कारोबारियों को राहत

रेपो रेट स्थिर रहने का सबसे बड़ा फायदा उन लाखों लोगों को मिलेगा, जिन्होंने होम लोन, कार लोन या अन्य फ्लोटिंग ब्याज दर वाले कर्ज लिए हैं। ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं होने से उनकी मासिक EMI फिलहाल नहीं बढ़ेगी जिससे घरेलू बजट पर बोझ नहीं पड़ेगा।

वहीं, जो लोग नया लोन लेने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए भी यह फैसला राहत भरा माना जा रहा है। ब्याज दरों में तत्काल बढ़ोतरी की आशंका टलने से उन्हें मौजूदा दरों पर कर्ज मिलने की संभावना बनी रहेगी। उद्योग और कारोबार जगत के लिए भी यह निर्णय सकारात्मक माना जा रहा है क्योंकि उधारी की लागत स्थिर रहने से निवेश और विस्तार की योजनाओं को गति मिल सकती है।

यह बता दें कि रेपो रेट में आखिरी बदलाव दिसंबर 2025 में किया गया था, जब RBI ने इसे 5.50 प्रतिशत से घटाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया था। उसके बाद से केंद्रीय बैंक लगातार ब्याज दरों को स्थिर रखे हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई आगे भी महंगाई और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर नजर रखते हुए भविष्य में ब्याज दरों को लेकर फैसला करेगा।

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