RBI ने 0.50 फीसदी घटाया रेपो रेट, सस्ते हो सकते हैं होम लोन
आरबीआई ने मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक में बड़े फैसले लिए हैं। आरबीआई ने पांच महीने में तीसरी बार रेपो रेट को 0.5 प्रतिशत घटाने का फैसला लिया है। इससे होम लोन लेने वालों को बड़ी राहत मिलने वाली है।
- Written By: अक्षय साहू
संजय मल्होत्रा, (आरबीआई गवर्नर)
नई दिल्ली: भारतीय रिज़र्व बैंक ने मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक में बड़े फैसले लिए हैं। आरबीआई ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट में 0.5 प्रतिशत की कटौती का ऐलान किया है। एमपीसी बैठक के नतीजों की जानकारी आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने दी। आरबीआई के इस फैसले से शेयर मार्टेक में हलचल बढ़ गई है। दोनों प्रमुख सूचकांकों में तेजी देखने को मिली है।
एमपीसी बैठक के नतीजे सामने आने के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 350 अंक तक उछाल आया। जबकि निफ्टी 130 अंक चढ़ गया है। इससे पहले बाजार में सुस्ती थी और दोनों सूचकांक लाल निशान पर खुले थे। कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन सेंसेक्स 123 अंकों की गिरावट के साथ 81,318.51 पर खुला था। वहीं, निफ्टी 0.07 फीसदी की गिरावट के साथ 24,732.70 पर कारोबार कर रहा था।
#WATCH आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा, “इस वर्ष 2025-2026 के लिए वास्तविक GDP वृद्धि दर 6.5% रहने का अनुमान है, जो हमारे पहले के पूर्वानुमान के अनुसार जारी रहेगी, जिसमें पहली तिमाही 6.5%, दूसरी तिमाही 6.7%, तीसरी तिमाही 6.6% और चौथी तिमाही 6.4% रहेगी। जोखिम समान रूप से… pic.twitter.com/MVJSO3yCgg — ANI_HindiNews (@AHindinews) June 6, 2025
सम्बंधित ख़बरें
13 दिन में पैसा डबल, Vedanta के नए शेयर की मार्केट में तूफानी एंट्री; खरीदने के लिए टूट पड़े निवेशक
इन 5 शेयरों में चल रहा था ‘पंप एंड डंप’ का गंदा खेल, SEBI ने पकड़ा ₹143 करोड़ का घोटाला; 221 पर ट्रेड से रोक
Share Market: शेयर बाजार में जुलाई में आएगी बड़ी तेजी, निफ्टी 24,750 तक पहुंचने का मजबूत अनुमान
Share Market: शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत, 337 अंक उछला सेंसेक्स; आईटी शेयरों में बंपर तेजी
RBI ने लिए बड़े फैसले
आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी बैठक के बाद कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए देश की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत ही बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि रेपो रेट में 50 आधार अंकों की कटौती की गई है। यह पिछले पांच महीनों में तीसरी कटौती है। इससे पहले आरबीआई ने फरवरी और अप्रैल में बैठक के बाद 25 आधार अंकों की कटौती का ऐलान किया था। आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती के अलावा CRR में भी 1 प्रतिशत घटाने का फैसला किया है। CRR 4% से घटाकर 3% किया गया है। गवर्नर ने बताया कि CRR में यह कटौती 4 चरणों में की जाएगी।
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार वर्तमान में 691.5 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर पर है, जो 11 महीने से अधिक की आयात आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश का बाह्य क्षेत्र मजबूत बना हुआ है। भले ही शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में आंशिक गिरावट दर्ज की गई हो, इसके बावजूदभी भारत वैश्विक निवेशकों के लिए एक आकर्षक निवेश गंतव्य बना हुआ है।
मस्क को ट्रंप के खिलाफ बोलना पड़ा भारी, 150 बिलियन डॉलर का नुकसान
ग्राहकों को मिलेगा फायदा
आरबीआई के इस फैसले के बाद ब्याज दरों में सीधे तौर पर गिरावट आ सकती है। इसका फायदा होम लोन और ईएमआई भरने वाले ग्राहकों को मिलेगा। खासकर जो पहले से लोन पर हैं। क्योंकि इस फैसले से ईएमआई का बोझ कम हो जाएगा।
