

Highlights:
बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है
RBI ने एमिरेट्स एनबीडी बैंक की विलय की मंजूरी दे दी है
आरबीआई का यह फैसला 1 दिसंबर 2026 से प्रभावी होगा
RBL Bank And Emirates NBD Bank Merger: बैंकिंग क्षेत्र से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 16 अक्टूबर को एमिरेट्स एनबीडी बैंक की भारत में स्थित तीन शाखाओं को आरबीएल बैंक में विलय करने की अनुमति दे दी है।
यह फैसला 1 दिसंबर 2026 से प्रभावी होगा। इसके बाद मुंबई, चेन्नई और गुरुग्राम में स्थित एमिरेट्स एनबीडी की शाखाएं आरबीएल बैंक की शाखाओं के रूप में कार्य करेंगी।
जून 2026 में यूएई के बैंकिंग समूह एमिरेट्स एनबीडी ने आरबीएल बैंक में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने की प्रक्रिया पूरी की थी। अब दोनों बैंकों की भारतीय शाखाओं के विलय से इस सौदे का अगला चरण भी पूरा होगा।
इस स्थिति में ग्राहकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि इस मर्जर का उनके बैंक खाते, लेनदेन और अन्य बैंकिंग सेवाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा। आइए इस विलय से जुड़ी 5 महत्वपूर्ण बातें जानें।
भारतीय रिजर्व बैंक ने 1 दिसंबर को एक अहम फैसला लिया। आरबीआई ने एमिरेट्स एनबीडी बैंक की भारतीय शाखाओं को आरबीएल बैंक में विलय करने की योजना को मंजूरी दी है। यह मंजूरी बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 की धारा 44A(4) के तहत दी गई है।
आरबीआई के फैसले के अनुसार, 1 दिसंबर 2026 से एमिरेट्स एनबीडी की भारत में सभी शाखाएं आरबीएल बैंक की शाखाओं के रूप में काम करेंगी। इस निर्णय से दोनों बैंकों के भारतीय कारोबार को एकीकृत करने का रास्ता साफ हुआ है।
एमिरेट्स एनबीडी ने 18 जून 2026 को RBL बैंक में अपनी बहुमत हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया पूरी की थी। इसके लिए बैंक ने करीब 2.75 अरब डॉलर यानी लगभग ₹26,000 करोड़ का निवेश किया। इस निवेश के बाद RBL बैंक की बढ़ी हुई शेयर पूंजी में एमिरेट्स एनबीडी की हिस्सेदारी 60 फीसदी हो गई। इस सौदे की घोषणा सबसे पहले 18 अक्टूबर 2025 को की गई थी।
इसके तहत एमिरेट्स एनबीडी ने नए शेयर खरीदकर RBL बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। बता दें कि RBL Bank में हिस्सेदारी खरीदना और एमिरेट्स एनबीडी की भारतीय ब्रांचों का विलय दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। हिस्सेदारी खरीदने का काम जून में पूरा हुआ था, जबकि ब्रांचों का विलय दिसंबर से लागू होगा।
एमिरेट्स एनबीडी वर्तमान में भारत में तीन शाखाओं के माध्यम से कार्य करता है, जो मुंबई, चेन्नई और गुरुग्राम में स्थित हैं। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने 20 जनवरी 2026 को इस प्रस्तावित सौदे की जानकारी दी थी, जिसमें एमिरेट्स एनबीडी की भारतीय शाखाओं को RBL बैंक में विलय करने की योजना शामिल थी।
अब RBI की स्वीकृति के बाद इन तीनों शाखाओं का संचालन RBL बैंक के अंतर्गत आ जाएगा। यानी 1 दिसंबर से ये शाखाएं RBL बैंक की शाखाओं के रूप में कार्य करेंगी।
एमिरेट्स एनबीडी और RBL बैंक के मुताबिक, यह सौदा भारतीय बैंकिंग सेक्टर में सबसे बड़े फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) और सबसे बड़े इक्विटी फंड जुटाने वाले सौदों में से एक है। इस निवेश से RBL बैंक को अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पूंजी मिलेगी।
वहीं, एमिरेट्स एनबीडी को भारत में अपने कारोबार का विस्तार करने और बैंकिंग सेक्टर में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का मौका मिलेगा। दोनों बैंकों का मानना है कि एमिरेट्स एनबीडी के रीजनल बैंकिंग एक्सपीरियंस और RBL बैंक के भारतीय नेटवर्क को एक साथ लाने से कारोबार बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
इस सौदे की प्रक्रिया में अलग-अलग नियामकीय मंजूरियां जरूरी थीं। CCI ने 20 जनवरी 2026 को प्रपोज्ड कॉम्बिनेशन को मंजूरी दी थी। इसके बाद 15 मई 2026 को RBL Bank ने बताया कि निवेश के लिए जरूरी रेगुलेटरी और सरकारी मंजूरियां मिल गई हैं।
जून में एमिरेट्स एनबीडी ने अपना निवेश पूरा कर लिया। अब 16 अक्टूबर को RBI की मंजूरी के साथ भारतीय ब्रांचों के विलय की तारीख भी तय हो गई है। यह पूरी प्रक्रिया का एक और अहम कदम है।