Ratan Tata: रतन टाटा की अधूरी मोहब्बत, चीन-भारत युद्ध ने तोड़ दी शादी की डोर; जानें पूरी कहानी
Ratan Tata: देश के सबसे मशहूर और सफल उद्योगपतियों में से एक रतन टाटा का आज पहली पुण्यतिथि है। 9 अक्टूबर, 2024 को मुंबई में उनका निधन हुआ था। आइए उनके जीवन के कुछ रोचक तथ्यों को जानते हैं।
- Written By: मनोज आर्या
रतन टाटा, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Ratan Tata Death Anniversary: भारत के सबसे सम्मानित उद्योगपतियों में से एक रतन टाटा न सिर्फ अपनी सफलता और सादगी के लिए जाने जाते हैं, बल्कि उनकी अधूरी प्रेम कहानी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रही है। बहुत कम लोग जानते हैं कि रतन टाटा अपने जीवन में एक बार शादी के बेहद करीब आ चुके थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि जब वे अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे, तभी उन्हें एक लड़की से प्यार हो गया था।
दोनों का रिश्ता काफी गहरा था और वे शादी करने की प्लानिंग भी बना चुके थे। लेकिन इसी दौरान 1962 का भारत और चीन के बीच युद्ध छिड़ गया। रतन टाटा भारत लौट आए, जबकि उनकी प्रेमिका का परिवार अमेरिका में ही रह गया। हालात ऐसे बने कि वह लड़की कभी भारत नहीं आ सकी और इस तरह रतन टाटा की शादी नहीं हो पाई।
रतन टाटा ने कभी शादी नहीं की
रतन टाटा ने कभी शादी नहीं की, लेकिन उन्होंने अपने जीवन को सेवा, सादगी और समाजहित को समर्पित कर दिया। वे कहते हैं कि अगर वह रिश्ता सफल हो जाता, तो शायद मेरी जिंदगी का रास्ता कुछ और होता। आज भी लोग रतन टाटा को न केवल एक सफल बिजनेसमैन, बल्कि एक भावनात्मक और संवेदनशील इंसान के रूप में याद करते हैं।
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9 अक्टूबर 2024 को हुआ था निधन
रतन टाटा का पूरा नाम रतन नवल टाटा है। उनका जन्म 28 दिसंबर 1937 को मुंबई (तब बॉम्बे) में हुआ था। 9 अक्टूबर, 2024 को उनका निधन हो गया। वे टाटा समूह (Tata Group) के संस्थापक नहीं, बल्कि उनके परदादा जमशेदजी टाटा टाटा समूह के संस्थापक थे। रतन टाटा ने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी से आर्किटेक्चर और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टाटा स्टील में एक आम कर्मचारी के रूप में की थी, जहां वे मजदूरों के साथ मिलकर काम करते थे।
1991 में संभाले थे टाटा ग्रुप की कमान
1991 में रतन टाटा ने जेआरडी टाटा की जगह टाटा समूह का कमान संभाला। उनके लीडरशीप में टाटा ग्रुप ने टेटली टी (Tetley Tea), कोरस (Corus Steel) और जगुआर-लैंड रोवर (Jaguar Land Rover) जैसी इंटरनेशनल कंपनियों का अधिग्रहण किया। टाटा नैनो (Tata Nano) दुनिया की सबसे सस्ती कार- उनका ड्रीम प्रोजेक्ट था, ताकि हर भारतीय परिवार अपनी कार का सपना पूरा कर सके।
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पद्म भूषण और पद्म विभूषण सम्मान
रतन टाटा को साल 2000 में पद्म भूषण और साल 2008 में पद्म विभूषण जैसे भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानित किया जा चुका है। वे अपनी विनम्रता और सादगी के लिए जाने जाते हैं। वे बिना सिक्योरिटी मुंबई की सड़कों पर खुद ड्राइव करते दिखे जाया करते थे।
