IndiGo में बड़ी हलचल, 3.4 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की प्लानिंग में राकेश गंगवाल, राहुल भाटिया से चल रहा मतभेद
सूत्रों की मानें तो यह शेयर बिक्री इंडिगो की कुल 13.5% हिस्सेदारी में से की जा रही है, जो वर्तमान में गंगवाल और उनके ट्रस्ट के पास है। इस लेनदेन के जरिए लगभग 1.32 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय
इंडिगो (सोर्स: सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड यानी इंडिगो एयरलाइंस में इस हफ्ते बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। कंपनी के सह-संस्थापक राकेश गंगवाल और उनके पारिवारिक ट्रस्ट चिंकरपू फैमिली ट्रस्ट एयरलाइन में अपनी 3.4 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं। इस सौदे की अनुमानित कीमत लगभग 6,831 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह डील 27 मई को हो सकती है।
सूत्रों की मानें तो यह शेयर बिक्री इंडिगो की कुल 13.5% हिस्सेदारी में से की जा रही है, जो वर्तमान में गंगवाल और उनके ट्रस्ट के पास है। इस लेनदेन के जरिए लगभग 1.32 करोड़ इक्विटी शेयर, प्रति शेयर 5,175 रुपये के न्यूनतम भाव पर बेचे जाएंगे। यह मूल्य सोमवार के बाजार बंद होने के मूल्य से 4.5% कम है, जिससे निवेशकों में हलचल तेज हो गई है।
राकेश गंगवाल और राहुल भाटिया लंबे समय से चल रहा है मतभेद
गौरतलब है कि राकेश गंगवाल और राहुल भाटिया, जो कि इंडिगो के सह-संस्थापक हैं, के बीच लंबे समय से मतभेद चल रहे हैं। इन मतभेदों के बाद ही गंगवाल ने इंडिगो में अपनी हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम करने का फैसला किया था। इस लेनदेन को भी उसी क्रम की एक अहम कड़ी माना जा रहा है।
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चिंकरपू फैमिली ट्रस्ट, जिसकी न्यासी शोभा गंगवालऔर जेपी मॉर्गन ट्रस्ट कंपनी (डेलावेयर) हैं, इस हिस्सेदारी बिक्री में राकेश गंगवाल के साथ भागीदार है। इस सौदे की व्यवस्था में गोल्डमैन सैक्स इंडिया सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी, और जेपी मॉर्गन इंडिया को सलाहकार एजेंसियों के रूप में शामिल किया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा न केवल इंडिगो के भविष्य की दिशा तय करेगा, बल्कि भारतीय एविएशन सेक्टर में निवेशकों की धारणा पर भी गहरा प्रभाव डालेगा। जहां कुछ निवेशक इसे संस्थापक के बाहर निकलने की प्रक्रिया के तौर पर देख रहे हैं, वहीं अन्य इसे कंपनी के शेयर मूल्य पर संभावित दबाव के रूप में भी आंक रहे हैं।
(-एजेंसी इनपुट के साथ।)
