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प्रदर्शन से प्रभावित हो रहा है व्यापार
व्यापारियों में प्रदर्शन को लेकर नाराजगी
त्योहारों के सीजन में वस्तुओं की किल्लत में आम-जनजीवन प्रभावित
Business Is Being Affected By The Protest: देश की राजधानी दिल्ली में 2 अक्टूबर से लगातार प्रदर्शन हो रहा है। इस प्रदर्शन का असर अब भारतीय कारोबार और बाजार में देखने को मिल रहा है। दिल्ली में मेट्रो के संचालन में अवरोध, बाजार में दुकानों का बंद रहना और संवेदनशील वातावरण के कारण पूरे देश में कारोबार पर गहरा असर देखने को मिल रहा है।
त्योहारों का सीजन नजदीक है और दिल्ली समेत देशभर में हो रहे प्रोटेस्ट के कारण व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा है। सामान की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण ऑफलाइन या फिर ऑनलाइन दोनों तरह की खरीदारी प्रभावित हुई है।
इस प्रदर्शन के कारण आमजनता के साथ-साथ व्यापारी वर्ग को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बेंगलुरु होलसेल क्लॉथ मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश पिरगल ने कहा कि दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों का असर यहां बेंगलुरु में हमारे कारोबार पर भी पड़ा है।
हमारा कारोबार बेंगलुरु से है, लेकिन हम अपना कपड़ा दिल्ली भेजते हैं। वहां के व्यापारियों का कहना कि अभी और कपड़ा न भेजें, क्योंकि दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं और हालात ऐसे हैं जैसे पूरा शहर ही बंद है। व्यापारियों में इस बात को लेकर अनिश्चितता है कि दशहरा और दीपावली के दौरान कारोबार सामान्य रूप से चल पाएगा या नहीं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन के कारण आमजनजीवन बेहद प्रभावित है। इसी बीच व्यापारी संगठनों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक पत्र लिखा है, जिसमें सड़क पर होने वाले व्यवधानकारी विरोध-प्रदर्शनों से प्रभावित स्वरोजगार वाले व्यापारियों के लिए तत्काल कानूनी सुरक्षा की मांग की गई है।
प्रकाश पिरगल ने कहा कि बेंगलुरु में 'फ्रीडम पार्क' है, जो विरोध-प्रदर्शनों के लिए तय जगह है। फिर भी यहां अलग-अलग समूहों के विरोध-प्रदर्शन इतनी बार होते हैं कि महीने में 15 से 20 दिनों तक ये चल सकते हैं। जब बेंगलुरु के बीचों-बीच इस तरह के विरोध-प्रदर्शन होते हैं और सड़कें जाम हो जाती हैं, तो सभी को परेशानी होती है।
दिल्ली समेत देश के अधिकांश हिस्सों में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर पर रोक को लेकर विपक्ष के द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसका असर रोजमर्रा की जिंदगी पर देखने को मिल रहा है। एजेंसी इनपुट के साथ।