प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सौ. सोशल मीडिया )
PM Narendra Modi Reaction On Budget Day: संसद की कार्यवाही के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी हमेशा प्रभावशाली रहती है, लेकिन बजट के दिन उनका भाव कुछ अलग ही नजर आता है।
जब लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण केंद्रीय बजट का भाषण पढ़ रही होती हैं, तब पीएम मोदी का गंभीर और एकाग्र चेहरा यह संकेत देता है कि वे हर आंकड़े और हर योजना को पूरी गहराई से आत्मसात कर रहे हैं।
साल 2014 में सत्ता संभालने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने बजट को केवल एक वार्षिक औपचारिकता तक सीमित नहीं रखा। उनके नेतृत्व में बजट एक ऐसे नीति दस्तावेज़ के रूप में उभरा है, जिसे सरकार ‘राष्ट्र निर्माण का ब्लूप्रिंट’ मानती है। संसद में बैठे पीएम मोदी की पैनी नजरें, बीच-बीच में आती हल्की मुस्कान और सहमति में हिलता सिर यह दर्शाता है कि बजट में पेश किए जा रहे प्रस्ताव सीधे ‘विकसित भारत’ के संकल्प से जुड़े हैं।
VIDEO | Union Budget 2026–27: Finance Minister Nirmala Sitharaman says,"… Building on the success of the Lakhpati Didi program, I propose to help women take the next step from credit-linked livelihoods to being owners of enterprises. Self-help entrepreneur will be set up as… pic.twitter.com/xVp7hB0Zb6 — Press Trust of India (@PTI_News) February 1, 2026
बजट भाषण के दौरान जब भी वित्त मंत्री किसी बड़ी योजना, बुनियादी ढांचे के विस्तार या आम जनता से जुड़े राहत उपायों का ऐलान करती हैं, सदन में एक विशेष ध्वनि गूंजती है-मेज थपथपाने की। इस तालमेल की अगुवाई अक्सर स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते दिखाई देते हैं।
पीएम मोदी की यह प्रतिक्रिया केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि सरकार के फैसलों पर शीर्ष नेतृत्व के भरोसे का प्रतीक मानी जाती है। चाहे कृषि सुधार हों, इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश या मध्यम वर्ग के लिए राहत-उनकी मेज थपथपाहट यह संदेश देती है कि ये नीतियां केवल वित्त मंत्रालय की नहीं, बल्कि पूरी सरकार के साझा विजन का हिस्सा हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी के हाव-भाव और उनकी सक्रिय प्रतिक्रियाएं यह स्पष्ट करती हैं कि वे बजट को सिर्फ राजकोषीय गणना नहीं मानते। उनके लिए यह आत्मनिर्भर भारत, आर्थिक मजबूती और सामाजिक उत्थान की दिशा में बढ़ाया गया एक ठोस कदम है। उनकी आत्मविश्वास से भरी मुस्कान और लगातार आती मेज थपथपाहट यह संदेश देती है कि सरकार अपने फैसलों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त और प्रतिबद्ध है।