PLI Scheme: मोदी सरकार का बड़ा कदम! कंपनियों को बांटे ₹36,754 करोड़, जानिए किस सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा

PLI Scheme: इस योजना के तहत सरकार ने कई सेक्टर को उत्पादन बढ़ाने लिए उन्हें प्रोत्साहन राशि दिया है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम और टेक्सटाइल जैसे सेक्टर शामिल हैं।
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कॉन्सेप्ट फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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PLI Scheme Incentive Disbursement: देश में प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार PLI स्कीम को लगातार आगे बढ़ा रही है। इस योजना के तहत सरकार ने इंसेटिव के रूप में कंपनियों को अब तक 36,754 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। यह राशि जून 2026 तक के लिए जारी किया गया है।

प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत कंपनियों को उनके मैन्युफैक्चरिंग और सेल्स में बढ़ोतरी के आधार पर इंसेंटिव दिया जाता है। इस योजना के पीछे सरकार का मकसद देश में अधिक से अधिक उत्पादन, निवेश बढ़ाना और दूसरे देशों से होने वाले आयात को कम करना है।

किस सेक्टर को सबसे ज्यादा पैसा?

प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम के तहत केंद्र सरकार की ओर से सबसे अधिक इंसेंटिव इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए जारी किया गया है। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को जून 2026 तक कुल 19,090.98 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

इसके अलावा फार्मा सेक्टर इंसेंटिव के रूप में सरकारी को ओर से 6,662 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं, फूड प्रोडक्ट्स सेक्टर के लिए 3,271.44 करोड़ रुपये और ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनियों को 3,174.15 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन राशि जारी हुआ है। 

किस सेक्टर को कितना इंसेंटिव?

इस योजना के तहत सरकार ने कई अलग-अलग सेक्टर को उत्पादन बढ़ाने लिए उन्हें प्रोत्साहन राशि दिया है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम, टेक्सटाइल, फूड प्रोडक्ट्स और व्हाइट गुड्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। जून 2026 तक कुछ प्रमुख सेक्टर को सरकार द्वारा दिए गए इंसेंटिव की पूरी डिटेल्स- 

  • इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग- 19,090.98 करोड़ रुपये

  • फार्मास्यूटिकल्स- 6,662 करोड़ रुपये

  • फूड प्रोडक्ट्स- 3,271.44 करोड़ रुपये

  • ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स- 3,174.15 करोड़ रुपये

  • टेलीकम्युनिकेशन और नेटवर्किंग प्रोडक्ट्स- 2,796 करोड़ रुपये

  • व्हाइट गुड्स- 593 करोड़ रुपये

  • टेक्सटाइल सेक्टर- 386 करोड़ रुपये

  • स्पेशलिटी स्टील- 236 करोड़ रुपये

  • आईटी हार्डवेयर- 98 करोड़ रुपये

  • ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग- 93 करोड़ रुपये

कितने करोड़ रुपए का निवेश आया?

प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम का असर सिर्फ इंसेंटिव तक नहीं है। DPIIT के डेटा के अनुसार, 30 जून 2026 तक 14 पीएलआई सेक्टर में कुल 2.58 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हुआ है। 

इस निवेश से इन सेक्टरों में प्रोडक्शन और सेल्स में काफी इजाफा रिकॉर्ड किया गया। जून 2026 तक पीएलआई स्कीम के तहत 23.79 लाख करोड़ रुपये का उत्पादन और बिक्री दर्ज की गई है, जबकि 15.53 लाख करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट हुआ।

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2020 में हुई थी PLI स्कीम की शुरुआत

बता दें कि केंद्र सरकार ने 2020 में 14 प्रमुख सेक्टर के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम को लॉन्च किया था। सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना के लागू होने से देश में रोजगार की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। जून 2026 तक इस पीएलआई स्कीम के तहत 14.57 लाख से अधिक रोजगार जेनरेट हुए हैं।  

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