फ्री में 1 तोला सोना, कहीं आप भी तो नहीं हो रहे इस झांसे के शिकार? जानें वायरल खबर का असली सच
PIB Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बताया जा रहा है कि जिन घरों में कोई व्यक्ति सरकारी नौकरी में नहीं है, उन्हें आधार के जरिये 1 तोला सोना मुफ्त दिया जा रहा है।
- Written By: मनोज आर्या
सोना, (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Free Gold Claim: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार उन घरों को मुफ्त में एक तोला (10 ग्राम) सोना दे रही है, जहां कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं है। वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस योजना की घोषणा करते हुए दिखाया गया है। यह दावा इंस्टाग्राम पर एक अकाउंट से शेयर किए गए वीडियो में किया गया है।
वीडियो में दी गई जानकारी में आधार कार्ड के जरिए सोना बांटे जाने की बात कही गई है। लेकिन क्या यह दावा सही है? केंद्र सरकार की एजेंसी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इसकी जांच की और सच्चाई सामने लाई है।
यह दावा पूरी तरह फर्जी- PIB
पीआईबी फैक्ट चेक के ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर पोस्ट किए गए एक ट्वीट में साफ कहा गया है कि यह दावा पूरी तरह फर्जी है। ट्वीट में बताया गया है कि वीडियो में दिखाए जा रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण एआई तकनीक से तैयार किया गया है और इसे गलत मकसदों से फैलाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने ऐसी किसी योजना की कोई घोषणा नहीं की है।
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📣#Instagram पर “sanjay_annu_sahu” नामक अकाउंट द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि जिन घरों में कोई भी व्यक्ति सरकारी नौकरी में नहीं है, उन्हें आधार कार्ड के ज़रिए एक तोला सोना मुफ्त दिया जा रहा है#PIBFactCheck: ❌ यह दावा #फर्जी है ☑️प्रधानमंत्री… pic.twitter.com/qkqZqiRAAy — PIB Fact Check (@PIBFactCheck) January 4, 2026
पीआईबी ने लोगों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे फर्जी और सनसनीखेज दावों से सतर्क रहें और किसी भी सरकारी योजना की जानकारी केवल ऑफिशियल सोर्स से ही जांचें. साथ ही अनवेरिफाइड कंटेंट को शेयर करने से बचें।
फर्जी खबर की शिकायत यहां करें
अगर आपको सरकार से जुड़ी किसी खबर पर शक है, तो उसकी सच्चाई जानने के लिए आप पीआईबी फैक्ट चेक की मदद ले सकते हैं। कोई भी आदमी भ्रामक खबर का स्क्रीनशॉट, ट्वीट, फेसबुक पोस्ट या संबंधित URL सीधे PIB Fact Check को भेज सकता है. इसके लिए वाट्सऐप नंबर 8799711259 या ई-मेल factcheck@pib.gov.in का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
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हजारों खबरों का खंडर करती है PIB
पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट साल 2019 से सक्रिय है और अब तक हजारों फर्जी खबरों का खंडन कर चुकी है। इस यूनिट का मुख्य मकसद सरकारी स्कीम और पॉलिसी से जुड़ी गलत और भ्रामक सूचनाओं पर लगाम लगाना है। हाल ही में सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा था कि मार्च 2026 से 500 रुपये के नोट मान्य नहीं होंगे। इसको लेकर पीआईबी फैक्ट चेक के जरिए सच सामने लाया था।
