बाजार में नहीं होगी खुले पैसों की किल्लत! 10, 20 और 50 के नोटों पर सरकार ने साफ की स्थिति, दिया ये सलाह
Finance Ministry Currency Update: सरकार के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में RBI द्वारा 10 रुपये के 439.40 करोड़ , 20 रुपये के 193.70 करोड़ और 50 रुपये के 130.30 करोड़ नोटों की आपूर्ति की गई है।
- Written By: मनोज आर्या
भारतीय करेंसी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Indian Currency Supply: देश में करेंसी सर्कुलेशन में 10,20 और 50 रुपये के नोटों की कोई कमी नहीं है। यह जानकारी सरकार की ओर से मंगलवार को संसद में दी गई। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, कम मूल्य के नोट परंपरागत रूप से एटीएम के माध्यम से नहीं दिए जाते रहे हैं।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री ने राज्यसभा में बताया कि कम मूल्यवर्ग के नोटों को छोटे मूल्य के नोट वितरकों के माध्यम से वितरित करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
RBI द्वारा जारी किए गए नोटों का आंकड़ा
सरकार के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (26 फरवरी तक) में केंद्रीय बैंक द्वारा 10 रुपये के 439.40 करोड़ नोट, 20 रुपये के 193.70 करोड़ नोट और 50 रुपये के 130.30 करोड़ नोटों की आपूर्ति की गई है। पिछले वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 2025) में 10 रुपये के 180 करोड़ नोट, 20 रुपये के 150 करोड़ नोट और 50 रुपये के 300 करोड़ नोटों की आपूर्ति की गई थी।
सम्बंधित ख़बरें
आम आदमी को बड़ा झटका, मई में 3.93% तक पहुंची खुदरा महंगाई; पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने बिगाड़ा खेल
India GCC Relations: भारत के लिए क्यों खास हैं ‘GCC’ देश? आसान भाषा में जानिए इस संगठन की ताकत और अहमियत
Gold-Silver Rate Today: आज सोने की कीमतों में 1600 रुपये का उछाल, चांदी भी चमकी, जानिए आज का ताजा भाव
Share Market में रिकॉर्ड ओपनिंग: सेंसेक्स 1000 अंक मजबूत, निफ्टी भी 292 अंकों की जबरदस्त छलांग लगाकर 23453 पर
आरबीआई, एक सतत प्रक्रिया के तहत, विभिन्न मूल्यवर्ग के नोटों की आवश्यकता का आकलन करता है और सरकार को आवश्यक मूल्यवर्ग के नोटों के मिश्रण की सलाह देती है। कम मूल्य के मुद्रा की मांग नोटों और सिक्कों के मिश्रण से पूरी की जाती है। इसके अलावा, डिजिटल भुगतान माध्यम कुल लेन-देन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जिनमें कम मूल्य के लेन-देन भी शामिल हैं।
3.72 लाख रुपये का डिजिटल लेनदेन
एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 (31 दिसंबर, 2025 तक) में रुपे केसीसी कार्ड के माध्यम से कुल 3.72 लाख डिजिटल लेनदेन हुए हैं, जिनका मूल्य 111.17 करोड़ रुपये है। केसीसी के तहत सभी पात्र किसानों को दी जाने वाली लोन सीमा फसलों के वित्तपोषण के पैमाने, खेती योग्य क्षेत्र, फसल पैटर्न और संबंधित आवश्यकताओं के अनुसार निर्धारित की जाती है।
यह भी पढ़ें: LPG संकट से होटल और रेस्टोरेंट पर ताला लगने की नौबत, एक्शन में मोदी सरकार, समीक्षा के लिए बनाई टास्क फोर्स
अफहवाहों का सरकार ने किया खंडन
बता दें कि सोशल मीडिया पर ऐसा दावा किया जा रहा है कि मार्केट में 10 रुपये, 20 रुपये और 50 रुपये के नोटों की भारी किल्लत है। इस वजह से आम आदमी और दुकानदार छोटे नोटों को बाहर निकालने में संकोच कर रहे हैं। हालांकि, अब सरकार ने इस तरह के अफवाहों का खंडन करते हुए अपनी स्थिति साफ कर दी है।
