निर्मला सीतारमण बजट 2026 (सोर्स-सोशल मीडिया)
Strategic Economic Policy Framework: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में देश का महत्वपूर्ण बजट 2026 पेश करने जा रही हैं। इस बार का बजट पिछले सात दशकों से चली आ रही पारंपरिक प्रक्रिया से काफी अलग होने वाला है। रणनीतिक आर्थिक नीति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने भाषण के प्रारूप में बदलाव करने का निर्णय लिया है। इस नए बदलाव का मुख्य उद्देश्य भारत को एक वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में मजबूती से स्थापित करना है।
इस साल के केंद्रीय बजट में भाषण के पार्ट-B को पहले की तुलना में बहुत अधिक विस्तार दिया जाएगा। आमतौर पर बजट का पार्ट-B संक्षिप्त होता था, लेकिन इस बार इसमें विस्तृत नीतिगत बयान और भविष्य के लक्ष्य होंगे। यह रणनीतिक बदलाव देश के दीर्घकालिक आर्थिक विकास को और अधिक गति प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण का मुख्य केंद्र इस बार बजट का पार्ट-B ही रहने वाला है। इसमें तात्कालिक कर प्रस्तावों के साथ-साथ कई वर्षों के लिए तैयार किए गए रणनीतिक उद्देश्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार मौजूदा वित्तीय जरूरतों और भविष्य की आर्थिक चुनौतियों के Bच एक सटीक संतुलन बनाने का गंभीर प्रयास कर रही है।
पार्ट-B में अब केवल टैक्स प्रस्ताव ही नहीं बल्कि एक व्यापक रणनीतिक रोडमैप होगा जो भारत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। इसका मुख्य मकसद भारत की स्थानीय ताकत और भविष्य में विकास की संभावनाओं को दुनिया के सामने बेहतर तरीके से प्रदर्शित करना है। यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब भारत अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ का सामना कर रहा है।
सरकार विदेशी निवेशकों को भरोसा दिलाने के लिए बजट भाषण के जरिए एक स्पष्ट लॉन्ग-टर्म नीतिगत वक्तव्य जारी करना चाहती है। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच भारत खुद को एक स्थिर और विकासशील बाजार के रूप में वैश्विक स्तर पर पेश करने का इच्छुक है। आने वाले वर्षों में विकास की रफ्तार को बनाए रखने के लिए यह नीतिगत स्पष्टता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत आवश्यक है।
हाल ही में पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे में भी देश के निवेश माहौल को मजबूत करने के लिए बहुआयामी रणनीति सुझाई गई है। इसमें स्थिरता, मैक्रोइकोनॉमिक मजबूती और बाजार के आकार जैसे फायदों को बढ़ावा देने की बात कही गई है ताकि निवेश बढ़े। सरकार संरचनात्मक और चक्रीय कारकों को संबोधित करके देश की आर्थिक नींव को और अधिक मजबूत बनाना चाहती है।
पारंपरिक रूप से बजट भाषणों में अब तक केवल पार्ट-ए पर ही ज्यादा ध्यान दिया जाता था जिसमें प्रमुख वित्तीय डेटा होता था। पार्ट-B हमेशा से संक्षिप्त नीतिगत बयानों और समापन की टिप्पणियों तक ही सीमित रहा है लेकिन अब यह पूरी तरह बदलेगा। इस नए पैटर्न का उद्देश्य भारत को वैश्विक मंच पर और भी अधिक खास और मजबूत स्थिति प्रदान करना है।
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना लगातार नौवां बजट पेश कर रही हैं, जो पी चिदंबरम के रिकॉर्ड की बराबरी कर रहा है। वर्तमान में भारत की आर्थिक विकास दर लगभग 7.4 प्रतिशत है, जो इस बजट की रणनीतियों को और भी महत्वपूर्ण बनाती है। यह बजट न केवल वर्तमान वित्तीय वर्ष बल्कि अगले कई वर्षों के लिए भारत की आर्थिक दिशा तय करेगा।