Cyber Attack से भी बचाएगा AI, सरकार को इसमें मदद करने की जरूरत
Cyber Security: नेक्सजेन एक्जिबिशन्स की एक रिपोर्ट में 15 शहरों की 200 से ज्यादा कंपनियों के बीच में एक सर्वे किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार साइबर सिक्योरिटी के लिए एआई की मदद लेना जरूरी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
Artificial Intelligence (सौ. Freepik)
Artificial Intelligence: सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर एक अहम बात की गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत को साइबर सिक्योरिटी और बॉर्डर सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी एआई में सरकार के प्रोत्साहन और प्रॉपर इंवेस्टमेंट की जरूरत है।
‘नेक्सजेन एक्जिबिशन्स’ की सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। यह रिपोर्ट 15 शहरों की 200 से अधिक कंपनियों के एक सर्वेक्षण पर आधारित है। इसमें शामिल 86 प्रतिशत उत्तरदाता इस बात से सहमत व दृढ़ता से सहमत थे कि भारत को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एआई में सक्रिय सरकारी समर्थन की आवश्यकता है।
साइबर सिक्योरिटी
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के इलेक्ट्रॉनिक वॉर और इंफॉर्मेंशन वॉर में बढ़ती चुनौतियों से जूझने के बीच एआई, राष्ट्रीय संप्रभुता सुनिश्चित करने के लिए एक परिवर्तनकारी माध्यम के रूप में उभर रहा है। इस रिपोर्ट में कहा गया कि इंडस्ट्रियल वर्ल्ड के अनुमानों के अनुसार, साल 2024 में भारत में 23 लाख से ज्यादा साइबर सिक्योरिटी से जुड़े मामले सामने आए और साइबर अटैक से 1,200 करोड़ रुपये का फाइनेंशियल नुकसान हुआ।
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फिशिंग अटैक के मामले
‘फिशिंग’ हमलों के मामले में भी भारत दुनियाभर में अमेरिका और रूस के बाद तीसरे स्थान पर है। फिशिंग वास्तव में सॉफ्टवेयर नहीं है, लेकिन यह जानकारी प्राप्त करने का एक तरीका है। इसमें मैलवेयर का इस्तेमाल करना शामिल हो सकता है। इसमें अक्सर ऐसे ईमेल शामिल होते हैं जिनमें मैलवेयर से संक्रमित वेबसाइट के लिंक होते हैं।
लगभग 14 परसेंट उत्तरदाता डिफेंस सेक्टर में एआई इनोवेशन के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप और प्रोत्साहन का सपोर्ट करते हैं। उनका मानना है कि पीपीपी यानी पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप इस सेक्टर में एआई के बीच की खाई को पाट सकती है और प्रभावी रूप से प्रौद्योगिकी के नैतिक एकीकरण को सुनिश्चित कर सकती है।
नेशनल एआई सिक्योरिटी स्ट्रक्चर
रिपोर्ट में कहा गया कि नेशनल सिक्योरिटी को मजबूत करने में एआई का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने के लिए स्टेकहोल्डर्स और सरकार द्वारा कई नीतिगत अंतराल को दूर करने की जरूरत है। डिफेंस एप्लीकेशन के लिए खास तौर से तैयार किए गए नेशनल एआई सिक्योरिटी स्ट्रक्चर का अभाव है, जो मजबूत सुरक्षा उपायों को स्थापित करने के लिए आवश्यक है।
नेक्सजेन एक्जिबिशन्स ने बयान में कहा कि दिल्ली 31 जुलाई से 1 अगस्त तक 10वें इंटरनेशनल पुलिस एक्सपो-2025 की मेजबानी करेगी, जो देश की इंटरनल सिक्योरिटी एवं और पुलिस बल के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर केंद्रित होगा।
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नेक्सजेन एक्जिबिशन्स के निदेशक आधार बंसल ने कहा है कि इंटरनेशनल पुलिस एक्सपो-2025 सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी में इनोवेटिव सोल्यूशन को प्रदर्शित करने के लिए सबसे प्रभावशाली मंचों में से एक के रूप में काम करेगा। यह राष्ट्रीय सुरक्षा को बढ़ाने के लिए एआई में सक्रिय सरकारी समर्थन और सहयोग की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
