जालान कालरॉक कंसोर्शियम का होगा जेट एयरवेज पर का मालिकाना, NCLT ने दी ट्रांसफर करने की मंजूरी
- Written By: किर्तेश ढोबले
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नई दिल्ली: नई दिल्ली जेट एयरवेज मामले (Jet Airways) में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT ) ने जेट एयरवेज के स्वामित्व को बोली लगाने वाले जालान-कलरॉक कंसोर्टियम (Jalan Kalrock Consortium) को हस्तांतरित करने की अनुमति दी है। ट्रिब्यूनल की मुंबई बेंच ने शुक्रवार को यह आदेश दिया है। अदालत का यह फैसला 16 नवंबर से प्रभावी किया गया है।एक रिपोर्ट के मुताबिक ओनरशिप ट्रांसफर के लिए छह महीने की डेडलाइन भी तय की गई है। NCLT ने जालान कालरॉक कंसोर्शियम को क्रेडिटर्स के भुगतान के लिए 6 महीने का वक्त भी दिया है।
इससे पहले, उधारदाताओं के वकील ने इस आदेश पर दो सप्ताह की रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन ट्रिब्यूनल की और से इसे अस्वीकार कर दिया गया। अब तक, जालान-कलरॉक कंसोर्टियम ने ऋणदाताओं के पास ₹150 करोड़ की बैंक गारंटी जमा की है। समाधान योजना के अनुसार, कंसोर्टियम को प्रभावी तिथि से 180 दिनों के भीतर वित्तीय लेनदारों को ₹185 करोड़ का नकद भुगतान करना होगा।
National Company Law Tribunal has today ordered the transfer of ownership of Jet Airways to Jalan-Kalrock Consortium in compliance with the resolution plan the Tribunal previously approved. pic.twitter.com/WgwLoOjrWu — ANI (@ANI) January 13, 2023
कंसोर्टियम ने ₹1,375 करोड़ के कुल नकद निवेश का भी प्रस्ताव दिया था, जिसमें से हितधारकों को भुगतान के लिए ₹475 करोड़ शामिल थे। शेष ₹900 करोड़ पूंजीगत व्यय और कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के लिए उपयोग किए जाने थे। ₹380 करोड़ पर, उधारदाताओं ने अनुमोदित संकल्प योजना के तहत ₹7,807.7 करोड़ से अधिक के अपने स्वीकृत दावों पर भारी कटौती की।
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जेकेसी ने जेट का स्वामित्व उसको सौंपने के लिए बेंच से निर्देश देने की अपील की थी। हालांकि, जेट एयरवेज के ऋणदाताओं ने कहा कि जेकेसी ने एनसीएलटी द्वारा मंजूर रिजोल्यूशन प्लान में उल्लेखित पांच में से तीन शर्तों को पूरा नहीं किया था। जेट एयरवेज के ऋणदाताओं और जेकेसी के बीच असहमति के इस बिंदु पर गतिरोध पैदा हो गया था। क्योंकि नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) के 21 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा था कि जेकेसी ने ‘निगरानी समिति की संतुष्टि के लिए सभी आवश्यक शर्तें पूरी कर ली हैं।
