एक झटके में ‘कंगाल’ हुए निवेशक! ₹50,000 करोड़ गिरा ITC का मार्केट कैप; बजट के फैसले ने बिगाड़ा खेल
Share Market: जेफरीज ने एक नोट में लिखा कि अभी भी बहुत सी बातें साफ नहीं हैं, लेकिन हमारी कैलकुलेशन बताती है कि अगर NCCD जारी रहता है, तो टैक्स में बढ़ोतरी 30 परसेंट से ज्यादा हो सकती है।
- Written By: मनोज आर्या
शेयर मार्केट, (प्रतीकात्मक तस्वीर)
ITC Shares Downfall: भारत में सिगरेट बनाने की सबसे बड़ी कंपनी ITC के शेयरों में गुरुवार को पिछले करीब छह सालों में एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट आई है। कंपनी के शेयर दबाव में इसलिए हैं क्योंकि सरकार ने बुधवार देर रात को सिगरेट, तंबाकू और बीड़ी पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान किया। इसके चलते शेयर 10 परसेंट तक लुढ़क गए और इससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा कम हो गया।
गुरुवार को सेशन के दौरान ITC के शेयर बीएसई पर 5.92 परसेंट गिरकर 379.1 रुपये पर पहुंच गए। वहीं, इंट्रा-डे में यह 5.96 परसेंट तक टूटकर 379.00 रुपये तक आ गया था। यह ITC के शेयरों के लिए बीते एक साल में अब तक का रिकॉर्ड निचला स्तर है।
क्या है सरकार का फैसला?
वित्त मंत्रालय ने तंबाकू, सिगरेट और बीड़ी पर 40 परसेंट की दर से जीएसटी लगाने का फैसला लिया है। इससे कंपनी के शेयरों को तगड़ा झटका लगा है। नई दरें 1 फरवरी से प्रभावी होगी। यानी कि इस दिन से तंबाकू रिलेटेड प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ जाएंगी। एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से कीमतों में कम से कम 15 परसेंट तक का इजाफा हो सकता है। इससे निवेशकों में आने वाले समय में होने वाले नुकसान को भांप लिया, जिससे शेयरों में हलचल देखने को मिली।
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गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया का हाल और भी बुरा
मार्लबोरो सिगरेट बेचने वाली कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया का हाल इससे भी बुरा रहा। इसके शेयर 19 परसेंट तक लुढ़क गए हैं। नवंबर 2016 के बाद से यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है। शेयरों में गिरावट का यह सिलसिला तब से शुरू हुआ, जब वित्त मंत्रालय ने 1 फरवरी से सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1,000 सिगरेट स्टिक्स पर 2,050 से 8,500 रुपये तक की की एक्साइज ड्यूटी लगाने की बात कही है। यह टैक्स मौजूदा 40 परसेंट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के ऊपर लगाई गई है। ऐसे में एनालिस्ट वॉल्यूम में कमी और कीमतों पर दबाव की चेतावनी दे रहे हैं।
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30% से ज्यादा टैक्स बढ़ोतरी का अनुमान
जेफरीज ने एक नोट में लिखा कि अभी भी बहुत सी बातें साफ नहीं हैं, लेकिन हमारी कैलकुलेशन बताती है कि अगर NCCD जारी रहता है, तो टैक्स में बढ़ोतरी 30 परसेंट से ज्यादा हो सकती है। अगर NCCD को इसमें शामिल कर लिया जाता है, तो भी असर 20 परसेंट से ज्यादा होगा। इसे जेफरीज ने नेगेटिव करार दिया है।
