सर्विस सेक्टर (सौजन्य : सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : भारत के सर्विस सेक्टर के पटरी पर लौटने की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि देश के सर्विस सेक्टर की एक्टिविटीज में अप्रैल के महीने में हल्का सुधार आ सकता है। ये मुख्य रुप से नए ऑर्डर फ्लो में तेजी से प्रेरित रहा है। मंगलवार को जारी एक मंथली सर्वे में इस बात की जानकारी दी गई है।
मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया सर्विस बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स अप्रैल के महीने में 58.7 रहा जो मार्च में 58.5 पर था। यह आंकड़ा इसके लॉन्ग टर्म एवरेज 54.2 से ज्यादा है। क्रय प्रबंधक सूचकांक यानी पीएमआई की भाषा में 50 से ज्यादा अंक का मतलब गतिविधियों में विस्तार से और 50 से कम का मतलब कंप्रेशन से होता है।
एचएसबीसी के भारत के मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा है कि भारत में सर्विस सेक्टर की एक्टिविटीज पिछले महीने की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ी हैं। मार्च के महीने में राहत मिलने के बाद नए एक्सपोर्ट ऑर्डर में तेजी आयी है, जो जुलाई साल 2024 के बाद सबसे तेज रफ्तार से बढ़ रहे हैं।
प्रोडक्शन में समग्र विस्तार नए बिजनेस में उल्लेखनीय बढ़त से प्रेरित रहा है, जो 8 महीनों में संयुक्त रूप से सबसे अच्छा था। कई कंपनियों ने अनुकूल डिमांड की स्थिति और सक्सेसफुल मार्केटिंग कोशिशों का उल्लेख किया। साथ ही, इंडियन कंपनियों को अपनी सेवाओं के लिए बेहतर इंटरनेशनल से प्रॉफिट मिलना जारी रहा, जिसमें एशिया, यूरोप, पश्चिम एशिया और अमेरिका को खास तौर से ताकत के सोर्स के रूप में उद्धृत किया गया। कुल मिलाकर, नए एक्सपोर्ट ऑर्डर जुलाई 2024 के बाद से सबसे तेज रफ्तार से बढ़े।
नए ऑर्डर के फ्लो में तेज बढ़त के कारण इंडियन सर्विस कंपनियों ने अप्रैल के महीने में लगातार 35 वें महीने अपने वर्कफोर्स की संख्या में बढ़त की। सर्वे में कहा गया कि कंपनियों ने कस्टमर की बढ़ती डिमांड का फायदा उठाने के लिए पूर्णकालिक और अंशकालिक कर्मचारियों के साथ ऑपरेशनल कैपेसिटी में बढ़त की।
प्राइस निर्धारण के मोर्चे पर, इंडियन सर्विसेज कंपनियों ने अप्रैल के दौरान अपने एवरेज सेलिंग प्राइस में बढ़त की क्योंकि वे ग्राहकों पर हायर कॉस्ट का बोझ डालना चाहते थे। सर्वे में कहा गया है कि टैरिफ इंफ्लेशन रेट मजबूत रही जो मार्च महीने की तुलना में ज्यादा थी और अपने लॉन्ट टर्म एवरेज से ज्यादा है।
भंडारी ने कहा है कि कॉस्ट प्रेशर कम होने और टैरिफ में तेजी से बढ़त होने के कारण प्रॉफिट में सुधार हुआ। इस बीच, एचएसबीसी इंडिया कम्पोजिट आउटपुट इंडेक्स मार्च के महीने में 59.5 से बढ़कर अप्रैल में 59.7 हो गया। समग्र पीएमआई सूचकांक तुलनीय मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस पीएमआई इंडेक्स का भारित औसत है। एचएसबीसी इंडिया सेवा पीएमआई को एसएंडपी ग्लोबल ने करीब 400 सर्विस सेक्टर की कंपनियों के ग्रुप को भेजे गए सवालों के जवाबों के आधार पर तैयार किया है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)