(डिजाइन फोटो/नवभारत लाइव डॉट कॉम)
Indian Economy Growth Rate: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी भरकम टैरिफ के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही भारतीय इकोनॉमी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8 प्रतिशत रही है, जबकि अनुमान 6.7 प्रतिशत का था। अर्थव्यवस्था में यह तेजी ऐसे समय में आई है, जब अप्रैल 2025 से ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर टैरिफ लगाने की धमकी देते आए हैं।
गौरतलब है कि ट्रंप ने 2 अप्रैल को ‘लिबरेशन डे’ के मौके पर भारत समेत दुनिया के करीब 200 देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, जो 9 अप्रैल से लागू होने वाला था। हालांकि, बाद में इसकी डेडलाइन कई बार बढ़ाई गई और आखिर में 7 अगस्त से भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया गया, जिसे अब बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा हाई टैरिफ लागू करने के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने अच्छा प्रदर्शन किया है। पिछले साल के समान तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 6.5 फीसदी रही थी। जबकि तिमाही दर तिमाही के आधार पर अर्थव्यवस्था में तेजी दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 7.4 प्रतिशत रही थी। मौजूदा रिपोर्ट से यह पता चल रहा है कि इंडियन इकोनॉमी वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत में अच्छी गति से आगे बढ़ रही है। विशेष रूप से सेवा क्षेत्र (Tertiary Sector) में तेजी, निवेश में लगातार और सरकारी खर्च में उछाल, सकारात्मक संकेत हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद में 7.8% की वृद्धि, वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में 6.5% की वृद्धि दर से बहुत ज्यादा है। वहीं सेवा क्षेत्र में शानदार वृद्धि के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 7.6% की वास्तविक GVA ग्रोथ भी दर्ज की है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए सकल घरेलू उत्पाद के तिमाही अनुमानों के साथ-साथ खर्च का भी आंकड़ा जारी किया है।
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में नॉमिनल जीडीपी में 8.8% की ग्रोथ रही है। एग्रीकल्चर और इससे संबंधित सेक्टर में वास्तविक GVA ग्रोथ रेट 3.7 फीसदी रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 1.5 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई थी। सेकेंड्री सेक्टर, खासकर मैन्युफैक्चरिंग में 7.7 फीसदी और निर्माण में 7.6 फीसदी ने इस तिमाही में स्थिर मूल्यों पर 7.5% से अधिक की वृद्धि दर दर्ज की है।
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खनन क्षेत्र में -3.1 प्रतिशत और बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवा क्षेत्र में 0.5% की ग्रोथ रही है। वास्तविक निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान 7.0 % की वृद्धि दर दर्ज की है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 8.3% की वृद्धि दर दर्ज की गई थी।