दुनिया में भारतीय इकोनॉमी का डंका, मजबूत स्थिति में GDP दर; अर्थशास्त्री में मान रहे बात

Indian Economy: भारत का वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह जुलाई में बढ़कर 1.96 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 7.5 प्रतिशत अधिक है।
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Indian Economy: भू-राजनीतिक उथल-पुथल और टैरिफ अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का आर्थिक विस्तार और जीडीपी वृद्धि स्पष्ट रूप से सही रास्ते पर है और यह आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। यह बयान अर्थशास्त्री आकाश जिंदल ने गुरुवार को दिया। वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल ने 79वें स्वतंत्रता दिवस से पहले आर्थिक मजबूत और निरंतर राजकोषीय समेकन का हवाला देते हुए भारत की दीर्घकालिक सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को पहले के "बीबीबी-" से अपग्रेड कर "बीबीबी" कर दिया है।

इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए जिंदल ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा कि किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए राजकोषीय समेकन बहुत महत्वपूर्ण है और भारत सरकार ने इस दिशा में काफी काम कर रही हैं।

जीएसटी कलेक्शन नए रिकॉर्ड बना रहा

उन्होंने कहा कि टैक्स कलेक्शन बढ़ रहा है। जीएसटी कलेक्शन नए रिकॉर्ड बना रहा है और इककम टैक्स कलेक्शन भी काफी तेज ग्रोथ किया है। सरकार इनफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में काफी पैसा खर्च कर रही है। भारत का वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह जुलाई में बढ़कर 1.96 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 7.5 प्रतिशत अधिक है। इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के बीच, सकल जीएसटी राजस्व 8.18 लाख करोड़ रुपए रहा, जो 2024 की इसी अवधि के 7.39 लाख करोड़ रुपए से 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है। इसके अलावा, वित्त वर्ष 25 में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 22,26,375 करोड़ रुपए के साथ मजबूत रहा और इसमें साल-दर-साल आधार पर 13.48 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमी में भारत

जिंदल के अनुसार, भारत दुनिया की कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आगे, सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है। एसएंडपी ग्लोबल ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है और "हमें उम्मीद है कि मध्यम अवधि में विकास की गति जारी रहेगी", अगले तीन वर्षों में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सालाना 6.8 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

भारत राजकोषीय समेकन को प्राथमिकता दे रहा है और मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखते हुए, स्थायी सार्वजनिक वित्त प्रदान करने के लिए सरकार की राजनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वैश्विक रेटिंग एजेंसी ने एक नोट में कहा, "हमारा अनुमान है कि इस वर्ष भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहेगी, जो व्यापक वैश्विक मंदी के बीच उभरते बाजारों के समकक्षों की तुलना में अनुकूल है।

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