विदेशी मुद्रा भंडार में उछाल, 687.19 बिलियन डॉलर हुआ भारत का ‘पावरफुल’ रिजर्व, दुनिया में फिर बढ़ी देश की साख
Forex Reserve: गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी की एक वजह सोने की कीमतों में तेजी है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने का दाम बीते एक हफ्ते में करीब 2.5 प्रतिशत और पिछले एक महीने में करीब 5.5% बढ़ चुका है।
- Written By: मनोज आर्या
फॉरेक्स रिजर्व (सौ. सोशल मीडिया )
India’s Foreign Exchange Reserves: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में 392 मिलियन डॉलर बढ़कर 687 बिलियन डॉलर हो गया है। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से शुक्रवार को दी गई। आरबीआई ने कहा कि 9 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार के अहम घटक गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 1.56 बिलियन डॉलर बढ़कर 112.83 बिलियन डॉलर हो गई है।
गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी की एक वजह सोने की कीमतों का तेजी के बढ़ना है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने का दाम बीते एक हफ्ते में करीब 2.5 प्रतिशत और पिछले एक महीने में करीब 5.5 प्रतिशत बढ़ चुका है। विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) की वैल्यू 1.12 बिलियन डॉलर कम होकर 550.86 बिलियन डॉलर रह गई है।
एफसीए में डॉलर के साथ अन्य करेंसी शामिल
बता दें कि एफसीए में डॉलर के साथ दुनिया की अन्य बड़ी करेंसी जैसे येन, यूरो और पाउंड शामिल होती हैं, जिनकी वैल्यू को डॉलर में व्यक्त किया जाता है। आरबीआई के मुताबिक, 9 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में एसडीआर की वैल्यू 39 मिलियन डॉलर कम होकर 18.73 बिलियन डॉलर हो गई है। आईएमएफ में रिसर्व पॉजिशन की वैल्यू 13 मिलियन डॉलर कम होकर 4.758 बिलियन डॉलर हो गई है।
सम्बंधित ख़बरें
Paytm पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द! RBI ने लिया बड़ा एक्शन, जानें आपके UPI पर क्या पड़ेगा असर
शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट, आईटी शेयरों की धुलाई से निवेशक परेशान
Gautam Adani ने मारी लंबी छलांग, 100 अरब डॉलर के पार होकर बिल गेट्स को भी पीछे छोड़ा
Gautam Adani ने मुकेश अंबानी को नेटवर्थ में पछाड़ा, बने एशिया के सबसे बड़े रईस
किसी देश के लिए विदेशी मुद्रा भंडार कितना अहम?
किसी भी देश की लिए उसका विदेशी मुद्रा भंडार काफी महत्वपूर्ण होता है और इससे उस देश की आर्थिक स्थिति का पता लगता है। इससे अलावा यह मुद्रा की विनिमय दर को स्थिर रखने में बड़ी भूमिका निभाता है। उदाहरण के लिए अगर किसी स्थिति में डॉलर के मुकाबले रुपए पर अधिक दबाव देखने को मिलता है और उसकी वैल्यू कम होती है तो केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल कर डॉलर के मुकाबले रुपए को गिरने से रोक सकता है और विनिमय दर को स्थिर रखता है।
यह भी पढ़ें: SBI, इन्फोसिस और ICICI बैंक का शेयर मार्केट में जलवा, एक हफ्ते में जोड़े 75,000 करोड़; निवेशकों की चांदी
विदेशों में व्यापार करना आसान
बढ़ता हुआ विदेशी मुद्रा भंडार यह भी दिखाता है कि देश में डॉलर की आवक बड़ी मात्रा में बनी हुई है और यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है। साथ ही इसके बढ़ने से देश के लिए विदेशों में व्यापार करना भी आसान हो जाता है।
