Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

अब दुनियाभर के बच्चों के हाथों में होंगे भारत के खिलौने, टॉय सेक्टर में चीन को पछाड़ेगा इंडिया

सरकार के द्वारा अनिवार्य क्वालिटी नॉर्म्स और कस्टम ड्यूटी बढ़ाने जैसे कदमों ने भारत के लोकल टॉय मेकर्स को मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने और पड़ोसी देश चीन से इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने में काफी मदद की है।

  • Written By: अपूर्वा नायक
Updated On: Feb 01, 2025 | 05:18 PM

भारतीय खिलौना बाजार (सौजन्य : गूगल )

Follow Us
Close
Follow Us:

नई दिल्ली : केंद्र की मोदी सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में शनिवार को क्लस्टर डेव्हलप्मेंट पर ध्यान देते हुए भारत के खिलौनों का ग्लोबल सेंटर बनाने की प्लानिंग का ऐलान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा है कि सरकार की इस योजना क्लस्टर, स्किल और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करने पर जोर देगी, जो क्वालिटी वाले, एक्स्ट्रा, इनोवेटिव और ड्यूरेबल खिलौने बनाएगी, जो मेड इन इंडिया ब्रांड को रिप्रेसेंट करेंगे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि खिलौनों के लिए नेशनल एक्शन प्लान पर निर्माण करते हुए खिलौनों का ग्लोबल सेंटर बनाने के लिए एक प्लान लागू करेंगे। इन प्रोडक्ट्स की ग्लोबल डिमांड में समग्र गिरावट आने के कारण भारत का टॉय एक्सपोर्ट वित्त वर्ष 2021-22 के 17.7 करोड़ डॉलर से घटकर 2023-24 में 15.2 करोड़ डॉलर रह गया है।

सरकार के फैसले का हुआ फायदा

सरकार के द्वारा अनिवार्य क्वालिटी नॉर्म्स और कस्टम ड्यूटी बढ़ाने जैसे कदमों ने भारत के लोकल टॉय मेकर्स को मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने और पड़ोसी देश चीन से इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने में काफी मदद की है। इंडस्ट्री को ग्लोबल ट्रेड परिदृश्य में लंबे समय से चैलेंजेस का सामना करना पड़ रहा है, कई सालों से ये लगातार खिलौनों का नेट इंपोर्टर्स रहा है।

सम्बंधित ख़बरें

संभाजीनगर: बैंक ऑफ महाराष्ट्र लीज मामले की जांच की मांग, सांसद कल्याण काले ने वित्त मंत्री को लिखा पत्र

Fiscal Deficit: सरकारी खजाने पर कितना दबाव? फरवरी तक बजट लक्ष्य का 80% रहा घाटा; CGA ने जारी किए आंकड़े

IBC Amendment: दिवालिया प्रक्रिया में नहीं होगी देरी! लोकसभा से संशोधन विधेयक को मंजूरी, आम आदमी पर क्या असर?

लॉकडाउन की अफवाहों पर वित्तमंत्री ने राज्यसभा में दिया बयान, बोलीं- “भारत में लॉकडाउन की गुंजाइश नहीं”

बिजनेस की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें

अब चीन के नहीं भारत के खिलौने होंगे हाथों में

10 सालों से भी ज्यादा समय तक, भारत अपने खिलौनों के इंपोर्ट के मामले में लगभग 76 प्रतिशत चीन पर बहुत ज्यादा निर्भर था। चीन से खिलौनों के लिए भारत का इंपोर्ट एक्सपेंस वित्त वर्ष 2021-23 के 21.4 करोड़ डॉलर से घटकर 2023-24 में 4.16 करोड़ डॉलर रह गया, जिससे भारत के खिलौना के इंपोर्ट के मामले में चीन की हिस्सेदारी 94 प्रतिशत से घटकर 64 प्रतिशत रह गई है, जो इंटरनेशनल टॉय मार्केट में भारत की बढ़ती प्रतिस्पर्धी कैपेसिटी को दर्शाता है।

Indian toy sector will boom soon

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 01, 2025 | 05:18 PM

Topics:  

  • Nirmala Sitharaman
  • Toys

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.