Share Market Crash: खुलते ही शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 525 अंक टूटा और निफ्टी 22,600 के नीचे

Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट आई। सेंसेक्स 525 अंक से ज्यादा टूटा और निफ्टी 22,600 के नीचे पहुंचा। कच्चे तेल की तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
Share Market Crash
शेयर बाजार में भारी गिरावट(सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Highlights:

  • सेंसेक्स 525 अंक से ज्यादा गिरा, जबकि निफ्टी 22,600 के नीचे पहुंचा

  • ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया

  • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी से निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ

Share Market Fall: गुरुवार को कारोबार की शुरुआत के साथ ही भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 525 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 50 फिसलकर 22,600 के स्तर से नीचे पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ। वहीं, बाजार में लगातार हो रही प्रॉफिट बुकिंग ने भी दबाव बढ़ा दिया।

BSE सेंसेक्स 525.50 अंक यानी 0.71 फीसदी की गिरावट के साथ 73,184.19 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 73,709.69 के मुकाबले 73,343.33 पर खुला था। वहीं, NSE का निफ्टी 50 शुरुआती कारोबार में 22,687.75 के स्तर पर खुलने के बाद 216.85 अंक यानी 0.95 फीसदी गिरकर 22,594.50 पर कारोबार कर रहा था।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से बढ़ी चिंता

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। ब्रेंट क्रूड 1.55 फीसदी चढ़कर 110.51 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत 1.23 फीसदी बढ़कर 98.34 डॉलर प्रति बैरल हो गई।

दूसरी ओर, अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में मिला-जुला रुख देखने को मिला। S&P 500 फ्यूचर्स में 0.58 फीसदी और नैस्डैक फ्यूचर्स में 1.05 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई, जबकि डाउ जोन्स फ्यूचर्स 0.29 फीसदी गिर गया।

Share Market Crash
किरायेदारों और घर खरीदारों के लिए बड़ा बदलाव! TDS के 4 फॉर्म की जगह आएगा फॉर्म 141, जानें क्या बदलेगा नियम

लार्ज-कैप शेयरों की ओर बढ़ सकता है निवेशकों का रुझान

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार के मुताबिक, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों के बेहतर प्रदर्शन के बाद अब बाजार में लार्ज-कैप स्टॉक्स की तरफ निवेशकों का रुझान बढ़ता दिखाई दे रहा है।

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में बाजार की मजबूती में कंपनियों की कमाई के मुकाबले लिक्विडिटी की भूमिका ज्यादा रही है। उनके मुताबिक, एक तरफ मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों, खासकर स्मॉल-कैप में ऊंची वैल्यूएशन और दूसरी तरफ उचित कीमत वाले लार्ज-कैप शेयरों का एक साथ बने रहना लंबे समय तक जारी रहने की संभावना कम है।

विजयकुमार ने कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी को बाजार के लिए प्रमुख बाहरी जोखिम बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में निवेशकों का उचित वैल्यूएशन वाले लार्ज-कैप शेयरों की ओर रुख करने का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।

इन शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव

सेंसेक्स में शामिल ज्यादातर शेयर गुरुवार को लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील और बजाज फाइनेंस प्रमुख रूप से गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

हालांकि, कुछ टेक्नोलॉजी शेयरों में मजबूती भी देखने को मिली। टेक महिंद्रा, इटरनल और इंफोसिस बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।

Share Market Crash
राज ठाकरे ने शेयर की PM मोदी-अडानी की विवादित डॉक्यूमेंट्री, बोले- डिलीट होने से पहले देख लें VIDEO

ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ज्यादातर सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो 1.76 फीसदी और निफ्टी मेटल 1.82 फीसदी तक टूट गया। निफ्टी FMCG में 1.15 फीसदी और निफ्टी फार्मा में 1.09 फीसदी की गिरावट आई। -एजेंसी इनपुट के साथ 

Navbharat Live
navbharatlive.com