Sensex Nifty Fall 28 September: कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPIs) की लगातार बिकवाली के कारण हफ्ते के पहले कारोबारी दिन (28 सितंबर) भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 526.96 अंक (0.71%) की कमजोरी के साथ 73,368.78 के स्तर पर आ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 174.20 अंक (0.75%) टूटकर 22,966.30 पर कारोबार करता दिखा। लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में इस चौतरफा बिकवाली का मुख्य दबाव बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल्टी सेक्टर के शेयरों पर देखा जा रहा है। सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा और आईसीआईसीआई बैंक में भारी गिरावट है, जबकि केवल टीसीएस (TCS) ही बढ़त के साथ हरे निशान में टिका हुआ है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड का 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचना और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5.2% होना भारतीय बाजार पर भारी दबाव डाल रहा है।
भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 28 सितंबर को कमजोर शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 526.96 अंक यानी 0.71% गिरकर 73,368.78 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 174.20 अंक यानी 0.75% की गिरावट के साथ 22,966.30 पर कारोबार कर रहा था। सुबह 9:17 बजे बाजार की यह स्थिति रही।
शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव वित्तीय और रियल्टी सेक्टर में नजर आया। निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज करीब 1% की गिरावट के साथ कमजोर सेक्टर इंडेक्स में शामिल रहे।
इसके अलावा डिफेंस, मेटल, पीएसयू बैंक, रियल्टी, एफएमसीजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, कमोडिटीज और ऑयल एंड गैस से जुड़े इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
गिरावट सिर्फ बड़ी कंपनियों के शेयरों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 1.03% गिरकर 60,267 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 1.09% की कमजोरी के साथ 19,500 पर था।
सेंसेक्स के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, बीईएल, एचयूएल, एलएंडटी, बजाज फिनसर्व, एमएंडएम, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, टाइटन और आईसीआईसीआई बैंक शामिल रहे। टीसीएस अकेला प्रमुख शेयर रहा जो हरे निशान में कारोबार करता दिखा।
भारतीय बाजार पर वैश्विक संकेतों का भी असर देखा गया। सोमवार को टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, सियोल और जकार्ता के बाजार गिरावट में कारोबार कर रहे थे। इसके उलट, हांगकांग में तेजी देखने को मिली।
हालांकि शुक्रवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स 0.93% और नैस्डैक 0.48% की बढ़त पर बंद हुए थे।
बाजार जानकारों के मुताबिक घरेलू अर्थव्यवस्था और कंपनियों की कमाई में मजबूती के बावजूद शेयर बाजार पर बाहरी परिस्थितियों का दबाव बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5.2% के आसपास होना बाजार के लिए चिंता का कारण बताया जा रहा है।
इसके अलावा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी FPI भी सितंबर में फिर बिकवाली करते नजर आए हैं। जुलाई और अगस्त में खरीदारी के बाद विदेशी निवेशकों के रुख में बदलाव से बाजार पर आगे भी दबाव रहने की बात जानकारों ने कही है।