भारतीय अर्थव्यवस्था फिर चमकेगी! दूसरी तिमाही में GDP 7% से ऊपर जाने का अनुमान, रिपोर्ट में दावा
Indian Economy: रिपोर्ट्स का अनुमान है कि भारतीय GDP दूसरी तिमाही में 7% से अधिक रह सकती है। घरेलू मांग, निवेश और सेवाओं के क्षेत्र में सुधार से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
- Written By: प्रिया सिंह
(सोर्स- सोशल मीडिया)
Indian Economy May Outperform Estimates: भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अच्छी खबर सामने आ रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि दूसरी तिमाही में GDP फिर तेजी पकड़ेगी। पिछली तिमाही में 7.8% की ग्रोथ दर्ज की गई थी। अब उम्मीद है कि इस बार भी देश का आर्थिक प्रदर्शन शानदार रहेगा।
GDP आंकड़ों का इंतजार
देश भर के अर्थशास्त्री और उद्योग जगत आज एनएसओ द्वारा जारी होने वाले दूसरी तिमाही के GDP आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी टैरिफ और कमजोर वैश्विक माहौल के बावजूद, रिपोर्ट्स का दावा है कि सितंबर तिमाही में भारत की GDP 7% से अधिक की रफ्तार से बढ़ सकती है।
पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में देश की GDP 7.8% की तेज गति से बढ़ी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत घरेलू मांग और नियंत्रित मुद्रास्फीति के कारण लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
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SBI रिपोर्ट में सकारात्मक संकेत
एसबीआई की ताजा रिपोर्ट के अनुसार निवेश गतिविधियों में तेजी, ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोग में सुधार और सर्विस व मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बढ़त से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि GST 2.0 सुधारों का भी घरेलू मांग और निजी उपभोग पर सकारात्मक असर हो सकता है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि बैंक 50 प्रमुख आर्थिक संकेतकों को ट्रैक कर रहा है, जो विकास में बढ़ोतरी की ओर संकेत दे रहे हैं। पहली तिमाही में जहां 70% संकेतक तेजी दिखा रहे थे, वहीं दूसरी तिमाही में यह आंकड़ा 83% तक पहुंच गया है।
GDP 7.5%-8% तक रहने का अनुमान
अनुमान मॉडल के आधार पर एसबीआई ने माना है कि दूसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 7.5%-8% और GVA (ग्रॉस वैल्यू एडेड) 8% के आसपास रह सकती है।
वैश्विक चुनौतियों का जोखिम
हालाकि, अस्थिर ग्लोबल कमोडिटी मार्केट और अंतरराष्ट्रीय व्यापार बाधाएं भविष्य के लिए चुनौती बनी हुई हैं। इसके बावजूद रिपोर्ट का कहना है कि भारत का अल्पावधि आर्थिक आउटलुक मजबूत बना रहेगा।
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CARE Ratings का आकलन
इस बीच CARE Ratings Economic Meter ने दूसरी तिमाही के लिए 3.2% की वृद्धि दर दिखाई है, जो पहली तिमाही के 3.3% के मुकाबले थोड़ा कम है।
कुल मिलाकर, विशेषज्ञों का मानना है कि भारत आने वाले महीनों में भी आर्थिक मजबूती बरकरार रख सकता है।
