त्योहारी सीजन में महंगाई की मार, खुदरा के बाद थोक महंगाई में भी उछाल; इन चीजों के बढ़े दाम

Retail Inflation: पिछले महीने में मैन्युफैक्चरर्ड प्रोडक्ट्स की कीमतों में तेजी रही, जो कि WPI बास्केट का सबसे बड़ा सेगमेंट है। मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट की कीमतें जुलाई के मुकाबले अगस्त में 0.21% बढ़ी।
In August wholesale price index based inflation increased to 0.52 percent
थोक महंगाई, (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Retail Inflation In August: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार, 15 सितंबर को थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आंकड़े जारी कर दिए। अगस्त में थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई जुलाई के (-0.58) प्रतिशत से बढ़कर 0.52 प्रतिशत हो गई है। अगस्त में खाने-पीने की चीजों, मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स, गैर-खाद्य पदार्थों, गैर-धातु खनिज उत्पादों और परिवहन उपकरणों की कीमतें बढ़ने से महंगाई बढ़ी।

प्राथमिक वस्तुओं के सूचकांक में 1.60 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है, जो जुलाई 2025 में 188.0 से बढ़कर अगस्त में 191.0 पर पहुंच गया। गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 2.92 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसके बाद खनिजों की कीमतों में 2.66 प्रतिशत और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 1.45  प्रतिशत का उछाल देखा गया।

मैन्युफैक्चरर्ड प्रोडक्ट्स की कीमतों में भी तेजी

पिछले महीने में मैन्युफैक्चरर्ड प्रोडक्ट्स की कीमतों में भी तेजी रही। मैन्युफैक्चरर्ड प्रोडक्ट्स WPI बास्केट का सबसे बड़ा सेगमेंट है। मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट की कीमतें भी जुलाई के मुकाबले अगस्त में 0.21 प्रतिशत बढ़ी। इससे पता चलता है कि फैक्ट्रियों में बनने वाले सामानों के दाम बढ़ गए हैं। इसके साथ-साथ फूड प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट, अन्य परिवहन उपकरणों और मशीनरी की कीमतों में वृद्धि हुई है।

बिजली महंगाई अगस्त में 0.69% घटा

बता दें कि ईंधन और बिजली की महंगाई 0.69 प्रतिशत घटकर अगस्त में 143.6 हो गई, जो पिछले महीने 144.6 रही थी। बिजली की कीमतों में 2.91 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि खनिज तेल की कीमत में 0.07  प्रतिशत की मामूली गिरावट देखी गई। जुलाई के मुकाबले कोयले की कीमतें स्थिर रहीं। कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की महंगाई दर अगस्त में 0.43 प्रतिशत रही। इसके अलावा, बेस मेटल्स, कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक और ऑप्टिकल प्रोडक्ट, कपड़ों, लकड़ी के उत्पादों और फर्नीचर की कीमतों में कमी आई है।

खुदरा महंगाई में भी बढ़ोतरी

अभी हाल ही में रिटेल महंगाई के भी आंकड़े जारी किए गए। अगस्त में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 2.07 परसेंट हो गई। जुलाई में यह 1.55 प्रतिशत रही थी। अब थोक महंगाई दर में भी बढ़ोतरी हुई है। यानी कि कुल मिलाकर रिटेल के साथ थोक बाजार में भी महंगाई बढ़ी है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में खुदरा कीमतें 1.69 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 2.47 प्रतिशत बढ़ी हैं।