भारत अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर उद्योग मंत्री का बयान, बोले- पहले फेज के जल्दी पूरा करने पर होगी चर्चा
भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका और भारत के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले फेज में तेजी लाने की दिशा में मंत्री हावर्ड लुटनिक के साथ बातचीत होने की बात कही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
भारत अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट (सौ. सोशल मीडिया एक्स )
नई दिल्ली : वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को भारत और अमेरिका के बीच होने वाले ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बड़ा बयान दिया है। मंगलवार को वॉशिंगटन में अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक के पीयूष गोयल की बैठक हुई है।
इस बैठक में दोनों देशों के बीच प्रपोज्ड द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले फेज पर बातचीत में तेजी लाने के लिए चर्चा की है। गोयल ट्रेड एग्रीमेंट की वार्ता की प्रगति की समीक्षा के लिए मिनिस्टर लेवल मीटिंग के लिए वॉशिंगटन में हैं। मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है कि भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले फेज में तेजी लाने की दिशा में मंत्री हावर्ड लुटनिक के साथ सार्थक चर्चा हुई।
Good discussions with Secretary @HowardLutnick towards expediting the first tranche of India-US Bilateral Trade Agreement. pic.twitter.com/8JjklXyEjl — Piyush Goyal (@PiyushGoyal) May 19, 2025
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गोयल व्यापार वार्ता के बारे में बातचीत करने के लिए मार्च में भी वॉशिंगटन गए थे। मंत्री स्तरीय बैठक के बाद दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों के बीच विचार-विमर्श होगा, जो 22 मई तक जारी रहेगा। यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है, जब दोनों देश इस साल विंटर सीजन यानी सितंबर-अक्टूबर तक ट्रेड एग्रीमेंट के पहले फेज को आखिर रूप देने से पहले क्विक म्युचुअल बेनिफिट सुनिश्चित करने के लिए वस्तुओं में अंतरिम व्यापार व्यवस्था की संभावना तलाश रहे हैं।
वार्ता में जिन मुख्य मुद्दों पर चर्चा होगी, उनमें मार्केट रिच, उत्पत्ति के नियम और नॉन टैरिफ प्रॉब्लम्स शामिल हैं। भारत और अमेरिका के ऑफिसर्स का टारगेट बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए 90-दिवसीय टैरिफ ब्रेक अवधि का लाभ उठाना है।
अमेरिका ने भारत पर एडिशनल 26 प्रतिशत टैरिफ को 9 जुलाई तक के लिए पोस्टपोन कर दिया है। बढ़ते ट्रेड डेफिशिएंट के अंतर को पाटने के लिए 2 अप्रैल को रेसीप्रोकल टैरिफ में बढ़ोतरी की घोषणा की गई थी। हालांकि, 10 प्रतिशत का मूल टैरिफ सभी देशों पर लागू है। इसके अलावा स्टील, एल्युमीनियम और ऑटोमोबाइल कंपोनेंट पर 25 प्रतिशत टैरिफ भी लगा है।
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अमेरिका लगातार चौथे वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर बना रहा। दोनों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 131.84 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। भारत के टोटल गुड्स एक्सपोर्ट में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत, इंपोर्ट में 6.22 प्रतिशत और देश के टोटल गुड्स ट्रेड में 10.73 प्रतिशत रही। अमेरिका के साथ भारत का 2024-25 में वस्तुओं के मामले में व्यापार अधिशेष यानी इंपोर्ट और एक्सपोर्ट के बीच का अंतर 41.18 अरब अमेरिकी डॉलर था। साल 2023-24 में यह 35.32 अरब अमेरिकी डॉलर, 2022-23 में 27.7 अरब अमेरिकी डॉलर, 2021-22 में 32.85 अरब अमेरिकी डॉलर और 2020-21 में 22.73 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था। अमेरिका ने इस बढ़ते ट्रेड डिफिएशेंट पर चिंता जाहिर की है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
