वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (सौ. सोशल मीडिया )
नई दिल्ली : हाल ही में स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 5 दिवसीय सालाना बैठक खत्म हुई। इस दौरान भारत ने ग्लोबल उद्यमियों से 20 लाख करोड़ रूपये से ज्यादा की निवेश प्रतिबद्धताएं प्राप्त करने में सफल रहा जिसमें अकेले महाराष्ट्र की तकरीबन 80 प्रतिशत हिस्सेदारी रही है। इस आंकडें को देखकर इस फोरम में मौजूद दुनिया के बाकी 130 देश भी काफी हैरान रह गए।
किसी भी देश के लिए निवेश का इतना बड़ा आंकड़ा काफी कम ही देखने के लिए मिलता है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 5 केंद्रीय मंत्रियों और 3 राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित अब तक के सबसे बड़े भारतीय प्रतिनिधिमंडल का इस मीटिंग में नेतृत्व किया ।
अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि विश्वास और टैलेंट दुनिया को भारत की ओर आकर्षित करने वाले सबसे बड़े कारकों में से एक हैं। सभी राज्यों और केंद्र सरकार के विभागों ने पहली बार दावोस मीटिंग में 2 भारत मंडपों में जगह शेयर की। इसके अलावा पहली बार राज्य और केंद्रीय मंत्रियों ने ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। करीब 6 दलों से आए मंत्रियों ने 1 एकीकृत टीम इंडिया का चेहरा पेश किया।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि हम अपने ग्लोबल जियो पॉलिटिकल और जियो इकोनॉमिकल वातावरण में दावोस में एक अहम मोड़ पर है। दुनिया के सामने आने वाले परेशानियों और सभी मुद्दों के बाद भारत एक बहुत ही भरोसेमंद देश के रूप में उभरा है और यहां लोकतंत्र आज भी जिंदा है। उन्होंने कहा कि हमने दुनिया को ये साफ तौर पर दिखा दिया है कि हर हालात में, ये वो देश है जो शांति, सबकी ग्रोथ और समावेशी विकास में विश्वास करता है।
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भारत में हिंदुस्तान यूनिलीवर के रूप में एक्टिव कंपनी यूनिलीवर ने तेलंगाना में 2 नई मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने की योजना का ऐलान किया। कई और ग्लोबल कंपनियों ने भारतीय कंपनियों के साथ पार्टनरशिप की संभावनाएं खोजी है, जिनका प्रतिनिधित्व भारत के 100 से भी ज्यादा मुख्य कार्यपालक अधिकारियों यानी सीईओ और बाकी टॉप लीडर्स ने किया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की अगली सालाना बैठक 19 से 23 फरवरी 2026 में दावोस में ही होने वाली है।