भारत में तेजी से उभर रहा रियल एस्टेट मार्केट, 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान; रिपोर्ट
Real Estate Sector: भारतीय शहरों का तेजी से शहरीकरण हो रहा है। 2050 तक कुल जनसंख्या का 53 प्रतिशत हिस्सा शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग होंगे, जो कि वर्तमान में 37 प्रतिशत है।
- Written By: मनोज आर्या
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
India’s Real Estate Sector: एक लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2047 तक मांग में वृद्धि, बढ़ते संस्थागतकरण और मजबूत आर्थिक विकास की संभावनाओं के चलते कुल ऑफिस स्टॉक 2 अरब वर्ग फुट से अधिक होने की संभावना है। साथ ही, रियल एस्टेट सेक्टर बाजार के 2047 तक 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। कोलियर्स ने कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के सहयोग से एक रिपोर्ट में ये आंकड़े दिए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में ‘ग्रेड ए’ ऑफिस स्टॉक 2010 से तीन गुना बढ़कर वर्तमान में 80 करोड़ वर्ग फुट से अधिक हो गया है। यह वृद्धि टेक्नोलॉजी, बीएफएसआई, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक क्षमता केंद्रों (जीसीसी) और घरेलू कंपनियों की बढ़ती मांग के कारण हुई है।
2047 तक दोगुनी होगी सालाना घर बिक्री
औद्योगिक और वेयरहाउसिंग के क्षेत्र में, ग्रेड ए स्टॉक का स्तर 2025 में 250 मिलियन वर्ग फुट के आंकड़े को पार कर गया, जो मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, निजी क्षेत्र की भागीदारी और उपभोक्ता मांग के साथ-साथ वेयरहाउसिंग आवश्यकताओं में वृद्धि के कारण 2010 के स्तर की तुलना में कई गुना बढ़ गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इनकम लेवल में अनुमानित वृद्धि और प्रगतिशील आवास नीतियों के समर्थन से, 2047 तक वार्षिक आवास बिक्री दोगुनी होकर 10 लाख यूनिट हो सकती है।
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भारत में तेजी से हो रहा शहरीकरण
भारतीय शहरों का तेजी से शहरीकरण हो रहा है। 2050 तक कुल जनसंख्या का 53 प्रतिशत हिस्सा शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोग होंगे, जो कि वर्तमान में 37 प्रतिशत है। कोलियर्स इंडिया के नेशनल डायरेक्टर और रिसर्च हेड विमल नादर ने कहा, “भारत न केवल अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार कर रहा है; बल्कि शहरी जीवन के भविष्य की पुनर्कल्पना भी कर रहा है।
भारत का रियल एस्टेट क्षेत्र सभी परिसंपत्ति वर्गों में तेज गति से बहुआयामी विकास के लिए तैयार है। निरंतर सरकारी प्रोत्साहन और कई निजी व सार्वजनिक हितधारकों से भारत 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। इसके अलावा, भारतीय अर्थव्यवस्था 2047 तक 35-40 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।
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जीडीपी में रियल एस्टेट सेक्टर का योगदान
इस आर्थिक परिवर्तन का मूल कारण रियल एस्टेट क्षेत्र का सकल घरेलू उत्पाद में योगदान लगातार बढ़ना है, जो कि 2000 के दशक की शुरुआत में 5 प्रतिशत से बढ़कर आज 6-8 प्रतिशत हो गया है और इसके 14-20 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। क्रेडाई के प्रेसिडेंट शेखर पटेल ने कहा, “2047 तक, भारतीय रियल एस्टेट को केवल वर्ग फुट या संपत्ति के मूल्य में नहीं मापा जाएगा बल्कि यह लाखों नागरिकों के लिए हमारे द्वारा निर्मित जीवन की गुणवत्ता से परिभाषित होगा।
