अगले 5 साल में बदलेगी देश की किस्मत! हर 5 में से 2 परिवारों की सालाना कमाई होगी ₹8 लाख के पार, जानें कैसे
India Household Income: आंकड़ों के अनुसार, पांच साल में छोटे शहरों से एसआईपी से म्यूचुअल फंड में निवेश 263 प्रतिशत बढ़ा। इस अवधी के दौरान यह 96.08 हजार करोड़ से 3.49 लाख करोड़ हो गया।
- Written By: मनोज आर्या
कॉन्सेप्ट फोटो, (सोर्स- सोशल मीडिया)
India Household Income Growth: कोरोना काल के दौरान देश में कम इनकम वाले लोगों की एक बड़ी आबादी थी। हालांकि, पिछले पांच सालों में यह काफी तेजी से मिडिल क्लास और हाई इनकम की कैटेगरी में शामिल हुए हैं। अगर आय में ऐसी ही तेजी बनी रही तो 2031 तक देश में हर पांच में से दो परिवारों की सालाना इनकम 8 लाख रुपये से ऊपर होगी। ऐसे परिवारों की हिस्सेदारी 2026 के 34.38 प्रतिशत से बढ़कर 2031 तक 42.74 प्रतिशत हो सकती है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने आईपीओ के लिए जारी ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) में डेटा सामने रखे हैं। सबसे अधिक बढ़ोतरी हाई इनकम और अपर मिडिल क्लास में होगी। इससे प्रीमियम कंज्यूमर गुड्स, घर, कार इंश्योरेंस, म्युचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश की मांग बढ़ेगी।
2021-26 के बीच प्रति व्यक्ति आय
आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से 2026 के बीच प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (Gross National Income per capita) 1.45 लाख से बढ़कर 2.40 रुपये हो गई। देश के टॉप-30 शहरों के बाहर के शहरों में म्यूचुअल फंड का निवेश पांच वर्षों में 5.36 लाख करोड़ रुपये से 160 प्रतिशत बढ़कर 13.89 लाख करोड़ हो गया। कुल निवेश में हिस्सेदारी 17.06 प्रतिशत से बढ़कर 18.06 प्रतिशत हो गई। यानी छोटे शहरों में भी बचत, निवेश और उपभोग क्षमता तेजी से बढ़ रही है।
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3 लाख से कम कमाने वाले 9% घटे
| आय वर्ग | 2021 | 2026 | 2031* |
| 3 लाख से कम | 42.99% | 34.10% | 25.86% |
| 3-8 लाख | 30.57% | 31.52% | 31.40% |
| 8-10 लाख | 16.88% | 21.20% | 25.86% |
| 10 लाख+ | 9.55% | 13.18% | 16.89% |
10% वयस्क आबादी के पास 65% संपत्ति
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2021 से 2026 के बीच 3 लाख रुपये से आय वाले परिवारों की संख्या करीब 43 फीसदी घटकर 34 प्रतिशत रह गई है। अगले पांच सालों में यह घटकर 26 प्रतिशत हो सकती है। वहीं, 3 से 8 लाख रुपये कमाने वाले पिछले 5 साल में मामूली बढ़े, अगले 5 साल में मामूली घटेगें। रिपोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, 10 प्रतिशत वयस्क आबादी के पास देश की 65 प्रतिशत संपत्ति है। ऐसे लोगों की आबादी 14.64 करोड़ है।
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263% बढ़ा एसआईपी से निवेश
रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, पांच साल में छोटे शहरों से एसआईपी से म्यूचुअल फंड में निवेश 263 प्रतिशत बढ़ा। इस अवधी के दौरान यह 96.08 हजार करोड़ से 3.49 लाख करोड़ हो गया। मार्च 2026 तक डीपीआईआटी से मान्यता प्राप्त 2.23 लाख से अधिक स्टार्टअप देश में आपरेशनल हैं। इनमें 50 प्रतिशत से ज्यादा टियर-2, टियर-3 शहरों से हैं। शेयर बाजार में यूनिक निवेशकों की संख्या 13.9 करोड़ होग गई है। यानी देश की 13.45 प्रतिशत आबादी शेयर से जुड़ चुकी है।
