

भारत के विदेशी मित्र देशों की सूची में एक नाम इजराइल का भी शामिल हैं। ये ऐसा देश है, जिसने हर मुश्किल समय में भारत का साथ दिया है और इसी दोस्ती का असर अब डिफेंस सेक्टर में दिखायी देने लगा है। सूत्रों के अनुसार पिछले 1 दशक में हथियारों और गोला-बारूद के बिजनेस में सबसे तेज उछाल देखने के लिए मिला है।
शुक्रवार को तड़के ही इजराइल ने ईरान पर हमला कर दिया है। इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान को निशाना बनाकर बम बरसाना शुरू कर दिया। जिसके चलते पूरा तेहरान कांप गया। इतना ही नहीं ये भी खबर आ रही है कि इजराइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों को भी नष्ट कर दिया है। इसी बीच एक मीडिया रिपोर्ट में इस बात का जिक्र हुआ है कि साल 2015 से साल 2024 के बीच में दोनों देशों के बीच हथियारों का ट्रेड 33 गुना बढ़ गया है।
साल 2015 में इजराइल से भारत का डिफेंस इंपोर्ट सिर्फ 1,68,000 डॉलर का था, लेकिन साल 2023 में ये आंकड़ा 135 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया है और साल 2024 में ये घटकर 128 मिलियन डॉलर पर आ गया है। हालांकि आकंड़ों के अनुसार, हथियारों का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इस मामले में साल 2023 ने अहम भूमिका निभायी है, जब दोनों देशों के बीच हथियारों का ट्रेड 264 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया था।
साल 2024 में हथियार और गोला-बारूद इजराइल से भारत के इंपोर्ट में दूसरी सबसे बड़ी कैटेगरी बन गए है, पहले नंबर पर इलेक्ट्रिकल मशीनरी रही है। सबसे हैरान करने की बात तो ये हैं कि साल 2020 तक ये कैटेगरी भारत के टॉप 10 इंपोर्ट्स में शामिल भी नहीं थी। अब भारत अपने ज्यादातर डिफेंस उपकरण रूस, अमेरिका और फ्रांस से खरीदता है, लेकिन इजराइल के साथ हथियारों का ट्रेड तेजी के साथ बढ़ा है।
इजराइल और भारत के बीच में होने वाले व्यापार की संख्या काफी सीमित है। भारत का टोटल ट्रेड 1,160 अरब डॉलर का है, जिसमें इजराइल की हिस्सेदारी केवल 3 अरब डॉलर की है, लेकिन इजराइल और ईरान के बीच जंग छिड़ती है, तो भारत के ट्रेड पर इसका असर होता हुआ नजर आ सकता है। सबसे खास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जो दुनिया के 20 प्रतिशत तेल की ढुलाई का मार्ग है, वो इस युद्ध के चलते खतरे में पड़ सकता है। सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ये मार्ग बाधित होता है, तो इससे भारत के ट्रेड पर काफी बुरा असर पड़ सकता है।