घर खरीदना होगा महंगा: 2026 में आसमान छुएंगे प्रॉपर्टी के दाम, CREDAI रिपोर्ट ने दी चेतावनी
Real Estate Trends: अगर आप घर खरीदने की सोच रहे हैं तो जल्दी करें। क्रेडाई की रिपोर्ट के अनुसार 2026 में घरों की कीमतें 5% से 25% तक बढ़ सकती हैं, क्योंकि बाजार में असली खरीदारों की मांग ज्यादा है।
- Written By: प्रिया सिंह
पुणे रियल स्टेट सेक्टर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Property Market Outlook 2026: अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए रियल एस्टेट बाजार से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। ताजा संकेतों के अनुसार आने वाले वर्षों में घरों की कीमतों में गिरावट की उम्मीद करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।
क्रेडाई और सीआरई मैट्रिक्स की संयुक्त रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि 2026 में प्रॉपर्टी के दाम उम्मीद से कहीं ज्यादा बढ़ने वाले हैं। विकासकर्ताओं का मानना है कि निर्माण लागत में वृद्धि और असली खरीदारों की जबरदस्त मांग कीमतों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
2026 में कीमतों में भारी उछाल की संभावना
रियल एस्टेट क्षेत्र के विशेषज्ञों और डेवलपर्स के बीच किए गए सर्वे में भविष्य की कीमतों को लेकर बड़ी तस्वीर साफ हुई है। सर्वे में शामिल लगभग 68 प्रतिशत डेवलपर्स का स्पष्ट मानना है कि 2026 में घरों की कीमतें कम से कम 5 प्रतिशत तक बढ़ेंगी।
कुछ विशेषज्ञ तो इससे भी आगे बढ़कर यह अनुमान लगा रहे हैं कि यह बढ़ोतरी 25 प्रतिशत तक जा सकती है। केवल 8 प्रतिशत लोग ही ऐसे हैं जिन्हें लगता है कि बाजार में दाम कम हो सकते हैं, यानी सस्ता घर मिलने की संभावना बहुत कम बची है।
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बाजार में बढ़ रही है असली खरीदारों की मांग
प्रॉपर्टी की कीमतों में इस तेजी की एक बड़ी वजह यह है कि अब बाजार में सट्टेबाजों के बजाय ‘एंड-यूजर’ यानी वे लोग सक्रिय हैं जिन्हें रहने के लिए घर चाहिए। डेवलपर्स के अनुसार दो-तिहाई से अधिक भागीदारों को उम्मीद है कि मांग में निरंतर वृद्धि होगी।
जब मांग उन लोगों की तरफ से आती है जिन्हें वास्तव में आशियाना चाहिए, तो कीमतों में स्थिरता या तेजी बनी रहती है। यह कृत्रिम उछाल नहीं है, बल्कि बाजार की वास्तविक जरूरत है जो डेवलपर्स के आत्मविश्वास को बढ़ा रही है।
निर्माण लागत और तकनीक का बढ़ता प्रभाव
कीमतें बढ़ने के पीछे केवल मांग ही नहीं, बल्कि बढ़ती निर्माण लागत भी एक प्रमुख कारण है। क्रेडाई के अध्यक्ष शेखर जी पटेल के अनुसार अब रियल एस्टेट सेक्टर अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी हो रहा है।
डेवलपर्स अब निर्माण कार्य में नई और उन्नत तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं ताकि गुणवत्ता बनी रहे और प्रोजेक्ट समय पर पूरे हों। हालांकि इन आधुनिक तकनीकों को अपनाने से निर्माण की कुल लागत बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर ग्राहकों के लिए घरों की अंतिम कीमत पर पड़ता है।
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सप्लाई और नियमों का कड़ा अनुशासन
रियल एस्टेट सेक्टर अब केवल प्रोजेक्ट्स लॉन्च करने के बजाय दीर्घकालिक मूल्य सृजन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। विशेषज्ञ अभिषेक किरण गुप्ता के विश्लेषण के अनुसार डेवलपर्स अब बहुत ही अनुशासित तरीके से सप्लाई को नियंत्रित कर रहे हैं।
अंधाधुंध निर्माण के बजाय बाजार की जरूरत के हिसाब से प्रोजेक्ट्स लाए जा रहे हैं। जब आपूर्ति नियंत्रित हो और मांग में लगातार वृद्धि हो, तो कीमतों का ऊपर जाना तय है। ऐसे में जो लोग घर खरीदने के लिए सही समय का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए अब फैसला लेने का वक्त आ गया है।
