GST 2.0: जीएसटी में बदलाव से नहीं बढ़ेगी शराब की कीमते, 40% टैक्स का कोई असर नहीं; ये है वजह
GST 2.0: जीएसटी काउंसिल की बैठक में हुए बदलाव के बाद हानिकारक उत्पाद जैसे कि सिगरेट, पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स को 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया है।
- Written By: मनोज आर्या
(कॉन्सेप्ट फोटो/नवभारत लाइव डॉट कॉम)
GST Reform Impact On Liquor Price: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में बुधवार को हुई 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। 8 साल के बाद जीएसटी रेट में कटौती होने से देश के आम लोगों को काफी राहत मिलने की संभावना है। वहीं, दूसरी ओर सरकार ने स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पाद (सिन प्रोडक्ट्स) सिगरेट, पान मसाला, और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स को बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया है।
ऐसे में कुछ लोगों का सवाल है कि क्या इस बदलाव से शराब की कीमतों पर भी असर पड़ेगा? इसका जवाब है नहीं। ऐसा इसलिए, क्योंकि लंबे समय से केंद्र और राज्य सरकार के बीच इसको लेकर जारी बातचीते के बाद भी शराब पर टैक्स लगाने का अधिकार फिलहाल स्टेट गवर्नमेंट के पास ही रहेगा।
हानिकारक उत्पादों पर 40% जीएसटी
गौरतलब है कि जीएसटी काउंसिल ने मौजूदा इनडायरेक्ट टैक्स स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव किया है। अब जीएसटी के चार स्लबै 5,12,18, और 28 प्रतिशत की जगह के दो स्लैब 5 और 18 प्रतिशत रहेंगे, जो कि 22 सितंबर से लागू होगा। जीएसटी दर में कटौती से सरकार के राजस्व में लगभग 48,000 करोड़ रुपये की कमी आएगी। हालांकि, इस नुकसान को कम करने के लिए सरकार ने जीएसटी के अंदर एक 40 प्रतिशत का टैक्स बकेट बनाया है। इनमें सभी सिन प्रोडक्ट और लग्जरी उत्पादों को रखा गया है। जानकारों का मानना है कि इस से सरकार के रेवेन्यू नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
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GST के दायरे से शराब बाहर
आपको बता दें कि पेट्रोल-डीजल और शराब को पूरी तरह से जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है। शराब की बिक्री से होने वाली कमाई राज्य सरकारों के लिए उनके कुल टैक्स रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा होता, जो कई राज्यों में 15 से 25 प्रतिशत तक पहुंच जाती है। इसी वजह से शराब को जीएसटी में शामिल नहीं किया गया है। अगर शराब को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है कि राज्य सरकारों की इनकम पर सीधा असर पड़ेगा। टैक्स जानकारों का मानना है कि राज्यों के विकास और अन्य खर्चों के लिए शराब से मिलने वाला राजस्व उनके लिए काफी अहम है।
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क्या शराब की कीमतों पर असर होगा?
जीएसटी के दरों में बदलाव से शराब की कीमतों पर असर नहीं होगा। जीएसटी 2.0 लागू होने के बावजूद शराब की दरें राज्य सरकारों के कंट्रोल में रहेंगी और राज्य सरकारें टैक्स तय करती रहेंगी। इसका सीधा मतलब यह है कि जहां तंबाकू और संबंधित उत्पाद महंगे होंगे, वहीं शराब पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ेगा।
