GST 2.0: ‘टैक्स कटौती का पूरा फायदा दो’, GST 2.0 पर पीयूष गोयल की इंडस्ट्री से अपील
GST का नया फ्रेमवर्क 22 सितंबर से लागू हो रहा है। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जीएसटी सुधार लागू होने से पहले उद्योगों से अपील की है कि टैक्स कटौती का पूरा फायदा ग्राहकों को दें।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, फोटो- सोशल मीडिया
GST 2.0 Updates: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जीएसटी सुधार लागू होने से पहले उद्योगों से कहा है कि टैक्स कटौती का फायदा सीधे ग्राहकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। नई स्लैब और दरों के लागू होने से ऑटोमोबाइल और टिकाऊ वस्तुओं की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है।
22 सितंबर से लागू होने वाले जीएसटी सुधार के मद्देनजर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योग जगत से अपील की है कि टैक्स कटौती का पूरा लाभ ग्राहकों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ उपभोक्ताओं को फायदा होगा, बल्कि उद्योगों के लिए भी कारोबार में वृद्धि और प्रतिस्पर्धा का अवसर बढ़ेगा।
जीएसटी सुधार का नया ढांचा
वस्तु एवं सेव कर (जीएसटी) का नया फ्रेमवर्क अब चार स्लैब- 5%, 12%, 18% और 28%—की बजाय सिर्फ दो स्लैब- 5% और 18%—के तहत लागू होगा। कई उत्पादों और सेवाओं पर टैक्स दरें घटाई गई हैं, जिससे सामान्य उपभोक्ता को सीधे लाभ मिलेगा। इसके अलावा, सिन और लग्जरी गुड्स पर 40% टैक्स दर लागू की गई है।
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उद्योगों को अपील
गोयल ने नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उद्योगों से कहा, “कृपया सुनिश्चित करें कि टैक्स कटौती का पूरा लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे। इससे उद्योग जगत को भी फायदा होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार व्यापार सुगमता और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए मिशन मोड में है।
कारोबारी माहौल सुधार के कदम
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार ने कारोबार को आसान बनाने के लिए कई उपाय किए हैं। इनमें नई लॉजिस्टिक्स नीति लागू करना, औद्योगिक शहरों का विकास, छोटे-मोटे विवादों को अपराधमुक्त करना और अनुपालन का बोझ कम करना शामिल है। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल जैसे कुछ सेक्टर पहले ही टैक्स कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचा रहे हैं।
वैश्विक व्यापार और मूल्य सूची
गोयल ने कहा कि भारत आज दुनिया के मुक्त व्यापार समझौतों में सक्रिय भागीदारी कर रहा है, जिससे व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे। इस महीने की शुरुआत में केंद्र ने कंपनियों को निर्देश दिया कि वे कारों और टिकाऊ वस्तुओं की अस्थायी मूल्य सूची प्रदर्शित करें, ताकि जीएसटी दर सुधार का लाभ कीमतों में दिख सके।
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सीबीआईसी ने जीएसटी परिषद की बैठक के बाद उद्योग संघों और मंत्रालयों के साथ बैठकें कर दरों में कटौती के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित किया। उद्योगों और सरकार के बीच आम सहमति बन गई है कि टैक्स कटौती का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचे। अनुमान है कि टिकाऊ वस्तुओं पर कीमतों में कम से कम 10% और ऑटोमोबाइल की कीमतों में 12-15% की कमी आएगी।
आईएएनएस इनपुट के साथ
