Navabharat Nishanebaaz: शेयर मार्केट की गिर रही साख, विदेशी निवेशकों का जीतो विश्वास

FPI Market Outflow: शेयर बाजार में गिरावट और विदेशी निवेशकों की बिकवाली को लेकर चिंता बढ़ी है। एफपीआई निकासी, डॉलर मजबूती और वैश्विक हालात ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है।
Navabharat Nishanebaaz: The Stock Market's Credibility is Slipping—Win Back the Trust of Foreign Investors
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Foreign Investors Market Selloff: पड़ोसी ने हमसे कहा, "निशानेबाज, हमारे शेयर मार्केट की हालत दिनोंदिन खस्ता होती चली जा रही है। वह गिरता चला जा रहा है। उसकी यह हालत हमसे देखी नहीं जाती।' हमने कहा, 'नहीं देखी जाती तो आंख बंद कर लीजिए, आज बाजार गिर रहा है तो आगे चलकर उठेगा भी। फिल्म 'मदर इंडिया का गीत था गिरते हैं मुसीबत में तो संभलते भी रहेंगे, जल जाएं मगर आग पे चलते ही रहेंगे।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, झूठी तसल्ली मत दीजिए। इस मई माह में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों अर्थात एफपीआई ने 27,000 करोड़ रुपए बाजार से वापस खींच लिए हैं।'

हमने कहा, 'जिसका पैसा है वह कभी भी निकाले, उसकी मर्जी! विदेशी निवेशकों को विश्व के अन्य सुरक्षित बाजारों में ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल के दाम में भारी उतार-चढ़ाव तथा वैश्विक महंगाई ने उनके भरोसे को डगमगा दिया है। इसलिए वह भारत के स्टॉक एक्सचेंज से अपना निवेश वापस निकाल रहे हैं। वह शेयर के खरीदार की बजाय बिकवाल बन गए हैं।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, हमारे फिल्मी गीतों में पहले ही विदेशी या परदेसी की बेवफाई को लेकर चेतावनी दी गई थी। आपने सुना होगा-परदेसियों से ना अखियां मिलाना, परदेशियों को है इक दिन जाना।, तुम तो ठहरे परदेसी, साथ क्या निभाओगे, तुम तो पहली गाड़ी से घर को लौट जाओगे। पलायन करने वाले विदेशी निवेशकों को यह गाना सुनाकर रुकने की अपील की जा सकती है- परदेसी-परदेसी जाना नहीं, मुझे छोड़ के!'

हमने कहा, 'विदेशी निवेशक इमोशनल नहीं होते जो गाना सुनकर पिघल जाएं, वह प्रैक्टिकल होते हैं। वह उस भरि के समान होते हैं जो खिले हुए फूल का रस चूसने के बाद उड़ जाते हैं। वर्ष 2026 के 5 महीनों में फरिन इक्विटी पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स ने 2 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा रकम शेयर मार्केट से वापस खींच ली है। आप कह सकते हैं- वफा जिनसे की, बेवफा हो गए, वो वादे मोहब्बत के क्या हो गए।'

पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, हमें बताइए कि विदेशी निवेशकों का विश्वास दोबारा कैसे हासिल करें?'

हमने कहा, 'अनिवासी भारतीयों को कैपिटल गेन टैक्स से पूरी तरह छूट दी जाए, इसके अलावा विदहोल्डिंग टैक्स और इंडेक्सिंग टैक्स की दरों में कटौती की जाए तो वह फिर भारतीय शेयर मार्केट में लौट आएंगे। तब आप खुशी से गाइएगा घर आया मेरा परदेसी, प्यास बुझी मेरी अंखियन की!'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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