

Gold-Silver Rate Today In India: भारतीय बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर से भारी गिरावट देखने को मिली है। वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार तीसरे सप्ताह कमजोरी बनी हुई है। मजबूत अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व के कड़े रुख ने इस गिरावट को बहुत तेजी से बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय कारणों से घरेलू बाजार में भी निवेशकों ने भारी मुनाफावसूली और बिकवाली की है।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते के लागू होने की अनिश्चितता ने भी सर्राफा बाजार पर बहुत ही गहरा प्रभाव डाला है। स्विट्जरलैंड में होने वाली उच्च स्तरीय बातचीत अचानक टलने से निवेशकों के बीच भारी निराशा उत्पन्न हुई है। इसके कारण निवेशकों का भरोसा डगमगा गया है और डॉलर जैसी सुरक्षित मुद्रा की मांग तेजी से बढ़ी है। इन सभी बड़ी भू-राजनीतिक घटनाओं ने सोने और चांदी दोनों कीमती धातुओं की चमक को बिल्कुल फीका कर दिया है।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत 2,840 रुपये टूटकर 1,50,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने के वायदा भाव भी 3,392 रुपये की गिरावट के साथ 1,45,917 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर सोने की कीमत 60.70 डॉलर टूटकर 4148.45 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। इससे घरेलू और वैश्विक दोनों बाजारों में निवेशकों को भारी नुकसान का सीधा सामना करना पड़ा है।
सोने के साथ-साथ आज 1 किलो चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है जिससे आम निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार चांदी 8,040 रुपये टूटकर 2,40,700 रुपये प्रति किलोग्राम के काफी निचले स्तर पर आ गई। एमसीएक्स पर चांदी के जुलाई वायदा कॉन्ट्रैक्ट में भी 8,766 रुपये की भारी कमी आज सुबह प्रमुखता से दर्ज की गई। यह गिरावट के बाद 2,28,806 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया जिससे बाजार में भारी खलबली मची हुई है।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर जो उम्मीदें बनी थीं वे स्विट्जरलैंड में उच्च स्तरीय बातचीत रद्द होने से कम हो गई हैं। स्विस विदेश मंत्रालय ने कहा कि समझौते के अगले चरण पर चर्चा के लिए होने वाली बातचीत फिलहाल टाल दी गई है। इन घटनाक्रमों की वजह से निवेशकों को यह बिल्कुल भी भरोसा नहीं हो रहा है कि शांति प्रक्रिया आसानी से लागू हो पाएगी। मजबूत डॉलर और इस अनिश्चितता ने कीमती धातुओं की कीमतों पर भारी दबाव बना दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सर्राफा बाजार भारी दबाव में है क्योंकि निवेशकों ने डॉलर निवेश को ज्यादा प्राथमिकता दी है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार डॉलर सूचकांक एक साल के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया है जिसका नकारात्मक असर पड़ा है। लगातार तीसरे सप्ताह गिरावट की ओर बढ़ रहे सोने के कारण आगे भी बहुत संभलकर निवेश करने की सलाह दी गई है। अमेरिका की प्रमुख ब्याज दर लंबे समय तक ऊंची बनी रहने की संभावना से भी यह स्थिति बनी है।