MCX Gold Rate: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार, 7 सितंबर को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। सुबह 9:15 बजे के आसपास MCX पर सोना 0.30% गिरकर 1,52,315 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 0.33% टूटकर 2,36,885 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी श्रम बाजार में मजबूती के संकेत मिलने से फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें तेज हुई हैं, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा है। अब बाजार की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी CPI और PPI महंगाई आंकड़ों पर टिकी है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना आज सुबह बजे के करीब 0.30% गिरकर 1,52,315 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, वहीं चांदी 0.33% की गिरावट के साथ 2,36,885 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रहा था। वहीं, अमेरिकी बाजारों में भी सोना फ्यूचर्स डॉलर इंडेक्स में मामूली तेजी के बीच 0.75% गिरकर $4,436.49 प्रति ट्रॉय औंस पर पंहुच गया।
देश के प्रमुख शहरों में आज सोने का ताजा भाव
देश के प्रमुख शहरों में आज चांदी का ताजा भाव
शुक्रवार को जारी अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई। नए आंकड़ो के मुताबिक, अमेरिका में रोजगार वृद्धि उम्मीद से बेहतर रही, जबकि अगस्त में बेरोजगारी दर 4.1% पर स्थिर रही।
मजबूत श्रम बाजार के संकेत मिलने से निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के द्वारा ब्याज दरों को बढ़ा सकता है। इसी संभावना के चलते सोना-चांदी पर दबाव बढ़ा और दोनों की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
LPL फाइनेंशियल के मुख्य अर्थशास्त्री जेफरी रोच के अनुसार, अगस्त में अमेरिका में 1.62 लाख नई नौकरियां जुड़ीं, जबकि जुलाई के रोजगार आंकड़ों में भी 21 हजार का ऊपर की ओर संशोधन किया गया।
उनका कहना है कि यह मजबूत पेरोल रिपोर्ट फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के कुछ और सदस्यों को ब्याज दर बढ़ाने के पक्ष में ला सकती है। रोच के मुताबिक, 16 सितंबर की FOMC बैठक में दर बढ़ोतरी का दबाव बढ़ गया है और यदि फेड कोई कदम नहीं उठाता, तो बाजार में अस्थिरता और बढ़ सकती है।
अर्थशास्त्री जेफरी रोच ने कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और मजबूत होते डॉलर की वजह से सोने की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है। वहीं, अमेरिका-ईरान के बढ़ते तनाव और ऊंचे कच्चे तेल के दाम महंगाई के जोखिम को बनाए हुए हैं।
उन्होंने आगे बताया कि इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी PPI और CPI के आंकड़े बेहद अहम होंगे। इन्हीं महंगाई आंकड़ों से तय होगा कि फेड की दर बढ़ोतरी की उम्मीदें और मजबूत होती हैं या फिर सोने की कीमतों में एक और बड़ी गिरावट देखने को मिलती है।