

Strait of Hormuz US Airstrikes: अमेरिका द्वारा रविवार (30 अगस्त 2026) को ईरान पर हमले के बाद एक बार फिर दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। शांति समझौते को लेकर चल रही बातचीत के बीच अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर एक बार फिर हमला किया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, अमेरिका द्वारा यह सैन्य कार्रवाई होर्मुज में वाणिज्यिक जहाजों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों के जवाब में की गई है। ईरान ने अमेरिकी हमले के जवाब में जॉर्डन में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ गई है।
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरानी सेना ने जॉर्डन और कुवैत पर मिसाइलें दागी हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान ने इन देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है या फिर जॉर्डन और कुवैत की संपत्तियों पर हमला किया है।
ईरान की स्थानीय मीडिया के मुताबिक, अमेरिका ने चाबहार, बंदर अब्बास, कोणारक, केश्म, जास्क, सिरिक और मीनाब जैसे प्रमुख तटीय क्षेत्रों में हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी हवाई हमलों के बाद दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी ईरान के बड़े हिस्से में धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। CENTCOM ने कहा कि उनकी सेना अमेरिकी समयनुसार दोपहर 12 बजे IRGC के ठिकानों पर हमलें किए।
ईरान ने रविवार को अमेरिका के हमलों के जवाब में जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान ईरान ने अमेरिकी सेना पर कम से कम आठ बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। यह हमला अमेरिका की ओर से लारक द्वीप पर IRGC के मिसाइल लॉन्चरों पर किए गए हवाई हमले के बाद हुआ।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई की धमकी दी थी। उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा था कि हम उनको सख्त जवाब देंगे। इसका जवाब दिया जाएगा। हालांकि, ट्रंप ने बातचीत की संभावना पूरी तरह से खत्म होने से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन मुझे नहीं पता कि उनके साथ किसी समझौते पर भरोसा किया जा सकता है या नहीं।