Food Inflation: टमाटर तो हुआ लाल, क्या अब आलू-प्याज भी रुलाएंगे? जानिए क्यों महंगी होने जा रही है आपकी थाली

Food Inflation: मई महीने में थाली की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण टमाटर थे, लेकिन उपभोक्ताओं को जल्द ही प्याज और आलू से एक और चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। इनके भाव बढ़ सकते हैं।
home made thali price in may 2026
कॉन्सेप्ट फोटो, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Food Inflation in May 2026: महंगाई के मोर्चे पर आम जनता के लिए बुरी खबर है। दरअसल, घर पर बना खाना और थाली की लागत में तेज इजाफा हुआ है। मई महीने में टमाटर की बढ़ती कीमतों के कारण थाली के दाम बढ़ गए हैं। क्रिसिल इंटेलिजेंस ने नए रोटी राइस रेट (RRR) रिपोर्ट के मुताबिक, वेज थाली (शाकाहारी) की लागत में पिछले साल के मुकाबले 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि नॉन-वेज (मांशाहारी) थाली पिछले साल की इस अवधी की तुलना में 7 प्रतिशत महंगी हुई है।

बता दें कि घर पर बने खाने की लागत में यह बढ़ोतरी अप्रैल में हुई मामूली बढ़ोतरी के बाद हुई है, जो इस बात को उजागर करती है कि हाल के सप्ताह में खाने की महंगाई का दबाव कैसे बढ़ गया है, क्योंकि सब्जियों और खाना पकाने के गैस की कीमतें बढ़ गई हैं।

टमाटर की बढ़ती कीमतों का असर

पिछले साल के मुकाबले मई में टमाटर की कीमतों में 57 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। बीते साल इसी अवधी की दौरान टमाटर 23 रुपये प्रति किलो था, जो इस साल यह बढ़कर 36 रुपये प्रति किलो पहुंच गया। इसके साथ ही टमाटर के उत्पादन में भी 3 से 4 फीसदी की गिरावट रही। गर्मी के फसल के रकबे में कमी और प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में तेज गर्मी से फसल को हुए नुकसान के कारण टमाटर की कीमतों में यह तेज बढ़ोतरी हुई है।

23% तक महंगा हुआ टमाटर

क्रिसिल इंटेलिजेंस के डायरेक्‍टर पुष्पन शर्मा के मुताबिक, टमाटर, वनस्पति तेल और एलपीजी की बढ़ती कीमतों के कारण मई में घर पर पकाई जाने वाली शाकाहारी और मांसाहारी थालियों की लागत में 5 प्रतिशत और 7 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा सब्जियों में टमाटर की कीमतें महीने-दर-महीने 23 फीसदी तक बढ़ गए, जिससे खाद्य और ऊर्जा की बढ़ी हुई लागतों से पहले से ही तनावग्रस्त घरेलू बजट पर और अधिक दबाव पड़ रहा है।

ग्‍लोबल आपूर्ति में जारी रुकावट के कारण वनस्‍पति तेल की कीमतों में साल दर साल 8 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि LPG की कीमतों में 7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

महंगे हो सकते हैं आलू- प्याज

मई में थाली की कीमतों में वृद्धि का मुख्य कारण टमाटर थे, लेकिन उपभोक्ताओं को जल्द ही प्याज और आलू से एक और चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। दिलचस्प बात यह है कि महीने के दौरान दोनों सब्जियों से कुछ राहत मिली। आलू की कीमतें पिछले साल की तुलना में 14% कम रहीं, जिसका कारण रबी की अधिक फसल और कोल्ड स्टोरेज में रखे स्टॉक का निपटान था। रबी की नई फसल आने के बाद प्याज की कीमतें भी पिछले साल की तुलना में 6% कम हो गईं।

मांसाहारी थाली की कीमत

ब्रॉयलर चिकन की बढ़ती कीमतों के कारण मांसाहारी थाली की लागत में बढ़ोतरी और भी ज्‍यादा थी। मांसाहारी भोजन की कुल लागत का लगभग आधा हिस्सा चिकन पर खर्च होता है। क्रिसिल के अनुसार, ब्रॉयलर मुर्गियों की कीमतों में सालाना लगभग 9% की वृद्धि हुई। टमाटर, वनस्पति तेल और एलपीजी की बढ़ती कीमतों के साथ मिलकर, इस वृद्धि ने मांसाहारी भोजन की लागत को काफी बढ़ा दिया।

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