Share Market: शेयर मार्केट में तेजी से FII सेलिंग पर लगा ब्रेक, शुक्रवार को 3,255 करोड़ की हुई खरीददारी
इस महीने की शुरुआत में FII लगातार शेयरों को बेच रहे थे, लेकिन अब उनकी बिक्री पर ब्रेक लगता दिख रहा है। 21 मार्च तक इस महीने FII की ओर से टोटल 31,718 करोड़ रुपये का आउटफ्लो किया जा चुका है, लेकिन वे फिर से लौट रहे हैं।
- Written By: मनोज आर्या
(कांसेप्ट फोटो)
नई दिल्ली: पिछले कुछ महीनों से विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से लगातार निकासी देखने को मिल रही है थी। लेकिन अब वे अपनी स्ट्रैटजी में बदलाव करते हुए नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में, बीते शुक्रवार यानी 21 मार्च को स्टॉक मार्केट में FII ने 3,255 करोड़ रुपये की नेट खरीददारी की, जो एक बार फिर भारत में FII की लौटने का संकेत है।
हालांकि, इस महीने की शुरुआत में FII लगातार शेयरों को बेच रहे थे, लेकिन अब उनकी बिक्री पर ब्रेक लगता दिख रहा है। 21 मार्च तक इस महीने FII की ओर से टोटल 31,718 करोड़ रुपये का आउटफ्लो किया जा चुका है, लेकिन वे फिर से लौट रहे हैं।
FII स्ट्रैटजी में बदलाव के संकेत
जियोजित इंवेस्टमेंट सर्विस के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार के मुताबिक, हाल की गतिविधियों से पता चलता है कि FII की स्ट्रैटजी में बदलाव हुआ है। लगातार बिकवाली के बाद, पिछले सप्ताह कुछ दिनों में उन्होंने 3,255 करोड़ की बड़ी खरीदारी हुई। उन्होंने यह भी कहा कि FII की बिक्री की तेजी पहले ही घटने लगी थी। उन्होंने आगे कहा कि डेट मार्केट में भी पॉजिटिव सेंटीमेंट बना हुआ है और फिक्स इनकम इंस्ट्रूमेंट में भी FII की लगातार निवेश की प्रवृत्ति बनी हुई है। मार्च में 21 तारीख तक FII ने 10,955 करोड़ का निवेश डेट मा्र्केट में किया।
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विदेशी संस्थागत निवेशकों ने क्यों बदली स्ट्रैटजी?
FII की ओर से इंवेस्टमेंट स्ट्रैटजी में बदलाव ने मार्केट सेंटीमेंट को बेहतर किया है। FII की बिक्री में हाल ही में बदलाव ने बाजार की धारणा को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है, जिसके चलते 21 मार्च तक सप्ताह में एक रैली देखने को मिली। इसके पीछे की मुख्य वजह देश की मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था और वैश्विक संकेतों का प्रभाव है। भारत में विकास में तेजी और मुद्रास्फीति में गिरावट, साथ ही डॉलर में कमजोरी ने FII की रणनीति में बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाई है।
