₹21 लाख से टिकट की शुरुआत, ट्रॉफी में करोड़ों का सोना; FIFA वर्ल्ड कप के खेल में कितना बड़ा है पैसों का बाजार?

FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप के जरिए होने वाली कमाई के मामले में पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करने की राह पर है। साल 2022 के वर्ल्ड कप से जहां फीफा ने रिकॉर्ड 7.6 अरब डॉलर की बंपर कमाई की थी।
fifa world cup
कितना बड़ा है फीफा का साम्राज्य? ( AI जेनरेटेड इमेज)
Published on
Updated on

FIFA World Cup 2026 Economics: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में आज रविवार, 19 जुलाई को फुटबॉल के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी और फुटबॉल की सबसे दमदार टीम आमने-सामने होंगी। मेसी और अर्जेंटीन के सामने स्पेन की वो टीम है, जो 2024 की शुरुआत से लगातार 37 मैचों में सामने वाली टीम को रौंदते हुए फाइनल तक पहुंची है। स्पेन और अर्जेंटीन, दोनों टीमों के लिए यह खिताबी मुकाबला बेहद महत्वपूण हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि स्पेन के पास 2010 के बाद वर्ल्ड कप जीतने का दूसरा मौका है। जबकि, अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने के मकसद से मैदान पर उतरेगी।

साल 2026 का फुटबॉल वर्ल्ड कप बहुत ही खास रहा। इस बार टूर्नामेंट में कुल 48 टीमें शामिल हुईं। इससे पहले 2022 का फीफा वर्ल्ड कप 2022 के बीच खेला गया था। इस बार 48 टीमों के बीच में कुल 104 मैच खेले गए। हालांकि, पिछली बार मैचों की संख्या सिर्फ 64 ही रही थी। जैसे भारत में क्रिकेट में जमकर पैसा बरसता है, वैसे ही दुनियाभर में फुटबॉल में जमकर पैसे की बारिश होती है। इसका सीधा सा उदहारण यह है कि फाइनल मुकाबले की सबसे सस्ती टिकट 21 लाख रुपये से ज्यादा की है। आइए, फीफा के इस पैसे के खेल को विस्तार से समझते हैं।

2 हजार डॉलर तक महंगा हुआ टिकट

अर्जेंटीना और स्पेन के बीच रविवार को खेले जाने वाला फीफआ वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला अमेरिकी इतिहास का सबसे महंगा खेल आयोजन है। फोर्ब्स के अनुसार, मैच शुरू होने से पहले की टिकट की कीमतें 2 हजार डॉलर तक मंहगी हुई हैं। TickPick के मुताबिक, शनिवार के दिन फाइनल का सबसे सस्ता टिकट 9,500 डॉलर का था, जबकि बुधवार को इसकी कीमत 6,493 डॉलर थी।

SeatPick के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ल्ड कप फाइनल के टिकट की औसत कीमत 15,331 डॉलर है। वहीं, फीफा की ऑफिशियल वेबसाइट पर फाइनल मैच का सबसे सस्ता टिकट 21,995 डॉलर है। भारतीय मुद्रा में देखें तो फाइनल की सबसे सस्ती टिकट लेने के लिए ही 21 लाख रुपये से ज्यादा खर्च करना होगा।

96 साल के इतिहास का बड़ा आयोजन

फीफा के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने पहले ही वादा किया था कि फीफा वर्ल्ड कप टूर्नामेंट 96 साल के एतिहास का सबसे बड़ा और अहम आयोजन होगा। इस बार ऐसा हुआ भी, क्योंकि टूर्नामेंट में ज्यादा टीमों ने भाग लिया और दर्शकों को ज्यादा मैच देखने को मौका मिला। हालांकि, सिर्फ ज्यादा मैच और ज्यादा टीमें इस टूर्नामेंट को ग्रैंड नहीं बनाती। बल्कि इस गेम में खर्च होने वाला पैसा इसकी असली वजह है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनल मुकाबले जीतने वाले टीम को 5 करोड़ डॉलर (481 करोड़ रुपये के करीब) तो रनर-अप टीम को 3.3 करोड़ डॉलर (317 करोड़ रुपये) मिलेंगे। वहीं, तीसरे नंबर पर रही इंग्लैंड को 2.9 करोड़ डॉलर (लगभग 280 करोड़ रुपये) और चौथे पर रही फ्रांस को 2.7 करोड़ डॉलर (लगभग 260 करोड़ रुपये) मिलेंगे।

ट्रॉफी में 6.86 करोड़ रुपये का गोल्ड

फुटबॉल वर्ल्ड कप की ट्रॉफी भी इस बार काफी महंगी है. इसकी वजह है सोने की कीमत. वर्ल्ड कप ट्रॉफी का वजह 6.17 किलो है, जिसमें से 5 किलो का तो सिर्फ 18 कैरेट गोल्ड ही लगा है। फोर्ब्स की रिपोर्ट बताती है कि वर्ल्ड कप ट्रॉफी में लगे गोल्ड की कीमत 7.13 लाख डॉलर है। भारतीय मुद्रा के हिसाब से यह राशि 6.89 करोड़ रुपये से भी ज्यादा होती है। 2022 की तुलना में इस बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी की कीमत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। 2022 में ट्रॉफी की कीमत लगभग 2.77 लाख डॉलर थी। 1974 में जब इस ट्रॉफी का मौजूदा डिजाइन पेश किया गया था, तब इसकी कीमत लगभग 25 हजार डॉलर थी।

कमाई के मामले में पुराने रिकॉर्ड धवस्त

फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप के जरिए होने वाली कमाई के मामले में पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त करने की राह पर है। साल 2022 के वर्ल्ड कप से जहां फीफा ने रिकॉर्ड 7.6 अरब डॉलर की बंपर कमाई की थी, वहीं इस बार के आयोजन से राजस्व में एक ऐतिहासिक उछाल आने की प्रबल उम्मीद जताई जा रही है। फीफा की 2024 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुमानों के मुताबिक, संस्था को अपने चार साल के मौजूदा व्यावसायिक चक्र में कुल 13 अरब डॉलर (लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये) का छप्परफाड़ रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है, जिसमें से करीब 9 अरब डॉलर की विशाल राशि अकेले साल 2026 में वर्ल्ड कप के आयोजन से हासिल होगी।

FIFA वर्ल्ड कप में कहां से आता है पैसा?

फीफा को फुटबॉल वर्ल्ड कप से होने वाली छप्परफाड़ कमाई के सामने दुनिया का सबसे बड़ा खेल महाकुंभ ओलंपिक भी फीका नजर आता है। फुटबॉल वर्ल्ड कप से होने वाले कुल 9 अरब डॉलर के अनुमानित रेवेन्यू में से 3.9 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि सिर्फ ब्रॉडकास्टिंग राइट्स (प्रसारण अधिकारों) के जरिए आती है, जबकि हॉस्पिटैलिटी राइट्स और टिकटों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री से 3 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई होने की उम्मीद है।

कमाई का यह विशाल आंकड़ा इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) द्वारा ओलंपिक के आयोजन से होने वाले रेवेन्यू से कहीं ज्यादा है, जहां साल 2024 के पेरिस ओलंपिक में आईओसी को महज 4.4 अरब डॉलर का ही राजस्व प्राप्त हुआ था।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com