इक्विप्मेंट इंडस्ट्री ने IT मिनिस्टर के सामने रखी ये मांग, दुनिया में करें मैन्युफैक्चरिंग
इंडस्ट्रियल यूनिट कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड अप्लायंसेज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन यानी सीईएएमए ने इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की भी मांग की है, जिससे प्रोडक्ट्स को ग्लोबल मार्केट में कॉम्पीटिटर बनाने में मदद मिलेगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
आईटी मंत्री जितिन प्रसाद (सौजन्य : सोशल मीडिया )
नई दिल्ली : इक्विप्मेंट और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री ने सरकार से कंप्रेसर और मोटर जैसे ऊंचे दामों वाले कंम्पोनेंट के लिए उत्पादन संबंधी प्रोत्साहन यानी पीएलआई स्कीम के दूसरे फेड को लाने और टैक्स को रेशनलाइज करने की रिक्वेस्ट की है।
इंडस्ट्रियल यूनिट कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड अप्लायंसेज मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन यानी सीईएएमए ने इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की भी मांग की है, जिससे प्रोडक्ट्स को ग्लोबल मार्केट में कॉम्पीटिटर बनाने में मदद मिलेगी। सीईएएमए के अध्यक्ष सुनील वच्छानी ने कहा है कि हमें समय के साथ टैक्स रेट्स में कटौती करने की जरूरत है। हमें अपने इंपोर्ट ड्यूटी को कम करने की जरूरत है, ताकि हमारे मैन्यूफैक्चरर कॉम्पीटिटर बन सकें। हमारे पास एक बड़ा आधार है और हमें दुनिया के लिए मैन्यूफैक्चरिंग करना चाहिए।
आकर्षक दरों पर जमीन की पेशकश
उन्होंने तटीय क्षेत्रों में उत्कृष्टता के बड़े सेंटर बनाने का भी सुझाव दिया है, जहां हम अपने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम यानी एमएसएमई को ‘प्लग एंड प्ले’ सुविधाएं प्रदान कर सकते हैं और बड़े कॉरपोरेट को आकर्षक दरों पर जमीन की पेशकश कर सकते हैं।
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इंफ्रास्क्रचर की पेशकश
‘प्लग एंड प्ले’ से तात्पर्य पूर्व-निर्मित इंडस्ट्रियल सुविधाओं से है जो उपयोग के लिए तैयार इंफ्रास्क्रचर की पेशकश करते हैं। इससे बिजनेस तुरंत ऑपरेशन शुरू कर सकते हैं। सीईएएमए के 45वें वार्षिक समारोह में उन्होंने कहा कि इससे एक्सपोर्ट कॉम्पीटिटिवनेस बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने एयर कंडीशनर और घरेलू इस्तेमाल की अन्य इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के लिए कम्पोनेंट परिवेश बनाने में सरकार की पीएलआई योजना की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
इंवेस्टमेंट पहले ही हो चुका
वच्छानी ने कहा है कि लगभग 66 कंपनियों ने इसके लिए आवेदन किया है और करीब 7,000 करोड़ रुपये का इंवेस्टमेंट पहले ही हो चुका है। इस क्षेत्र में वैल्यू एडिशन जो पहले 18 से 20 प्रतिशत होता था, पिछले साल तक करीब 60 प्रतिशत हो गया है। हमें पूरा विश्वास है कि यह लगभग 75 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा।
पीएलआई का एक और चरण शुरू
योजना को सफल करार देते हुए उन्होंने कहा है कि इंडस्ट्री ने अनुरोध किया है कि हमें पीएलआई का एक और चरण शुरू करना चाहिए। खासकर कंप्रेसर और मोटर जैसे हाई वैल्यू वाले घटकों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, जहां प्रोत्साहन अनुपात के माध्यम से निवेश हमारे द्वारा शुरू किए गए अनुपात से बहुत ज्यादा है।उन्होंने सरकार को आश्वासन दिया कि पीएलआई का दूसरा चरण लाने से अगले 2 सालों में वैल्यू एडिशन करीब 95 प्रतिशत हो जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने मांग पर गौर करने तथा संबंधित मंत्रालय के साथ इस पर चर्चा करने का आश्वासन दिया।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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